वाराणसी में जुटे देशभर के गेहूं उद्योग के दिग्गज, WPPS CEO's Conclave 2026 का शुभारंभ...

 
वाराणसी में WPPS CEO's Conclave 2026 का शुभारंभ। 21 राज्यों के 350 उद्योग प्रतिनिधि और 50 से अधिक विशेषज्ञ शामिल। गेहूं उद्योग, फ्लोर मिलिंग, सप्लाई चेन और तकनीक पर होगा मंथन। 

वाराणसी: देश के गेहूं उद्योग को नई दिशा देने और भविष्य की रणनीतियों पर मंथन करने के उद्देश्य से WPPS CEO's Conclave 2026 का गुरुवार को वाराणसी के होटल ताज गंगेज में शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में देश के 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 81 शहरों से करीब 350 उद्योग प्रतिनिधि और 50 से अधिक विशेषज्ञ, वक्ता, मॉडरेटर एवं पैनलिस्ट हिस्सा ले रहे हैं।

व्हीट प्रोडक्ट्स प्रमोशन सोसायटी (WPPS) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन की थीम "Redefining Wheat Value Chains for a New India" रखी गई है। आयोजन में उत्तर प्रदेश रोलर फ्लोर मिलर्स एसोसिएशन (UPRFMA) सह-आयोजक की भूमिका निभा रहा है।

गेहूं उद्योग के भविष्य पर होगा मंथन

कॉन्क्लेव में गेहूं उत्पादन, आधुनिक फ्लोर मिलिंग, खाद्य प्रसंस्करण, बेकरी उद्योग, सप्लाई चेन, फोर्टिफिकेशन, पोषण, तकनीक, कमोडिटी मार्केट, नीति निर्माण और वैश्विक व्यापार जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। विशेषज्ञ भारत के गेहूं उद्योग को अधिक प्रतिस्पर्धी, तकनीक-सक्षम और वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने के लिए अपने सुझाव देंगे।

भारत की बदलती गेहूं अर्थव्यवस्था पर फोकस

देश का गेहूं उत्पादन अब लगभग 120 मिलियन टन के स्तर तक पहुंच चुका है। भारत में 2,000 से अधिक फ्लोर मिलें संचालित हैं, जिनमें 200 से अधिक आधुनिक तकनीक से लैस मिलें शामिल हैं। बदलती उपभोक्ता मांग को देखते हुए उद्योग अब केवल आटा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि ब्रेड, बिस्किट, नूडल्स, पास्ता, पैकेज्ड फूड और QSR सेक्टर के लिए विशेष गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर रहा है।

उत्तर प्रदेश की भूमिका सबसे अहम

कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश की भूमिका को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। प्रदेश में वर्ष 2024-25 के दौरान करीब 35.65 मिलियन टन गेहूं उत्पादन का अनुमान है। यहां 300 से अधिक रोलर फ्लोर मिलें संचालित हैं, जो देश के विभिन्न हिस्सों में आटा, मैदा, सूजी और अन्य गेहूं उत्पादों की आपूर्ति करती हैं।

इन दिग्गजों ने रखे अपने विचार

WPPS के चेयरमैन अजय गोयल ने कहा कि गेहूं केवल एक फसल नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा, किसान आय, रोजगार, पोषण और आधुनिक खाद्य उद्योग की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि यह कॉन्क्लेव सभी हितधारकों को एक मंच पर लाकर भारत की गेहूं वैल्यू चेन को और मजबूत बनाने का प्रयास है।

UPRFMA के अध्यक्ष दीपक कुमार बजाज ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े गेहूं उत्पादक राज्यों में शामिल है और वाराणसी में इस राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी पूरे उद्योग के लिए गर्व का विषय है।

वहीं, उद्योग विशेषज्ञ राज कपूर ने कहा कि ब्रेड और बेकरी सेक्टर की सफलता उच्च गुणवत्ता वाले आटे, सुरक्षित खाद्य उत्पादन, बेहतर पैकेजिंग और मजबूत सप्लाई चेन पर निर्भर करती है।

सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू होंगे प्रतिनिधि

कॉन्क्लेव में शामिल उद्योग प्रतिनिधियों के लिए वाराणसी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का विशेष अनुभव भी तैयार किया गया है। इसमें गंगा क्रूज, बजड़ा राइड, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन, गंगा आरती, जलपान और रात्रिभोज जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।

उत्कृष्ट योगदान देने वालों का होगा सम्मान

कार्यक्रम के दौरान WPPS Awards Ceremony का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें गेहूं वैल्यू चेन, फ्लोर मिलिंग, खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक, पोषण, सप्लाई चेन और उद्योग विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उद्योगपतियों, कंपनियों और नवाचारकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

आयोजकों का कहना है कि यह कॉन्क्लेव भारत के गेहूं उद्योग को नई सोच, नई तकनीक और मजबूत वैल्यू चेन के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।