काशी में गंगा की लहरें हुईं शांत, दोबारा शुरू हुआ नावों का संचालन
वाराणसी। खराब मौसम और गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण पिछले दिनों अस्थायी रूप से बंद किया गया नावों का संचालन बुधवार से फिर शुरू कर दिया गया। मौसम में सुधार और गंगा के जलस्तर के सामान्य स्थिति में आने के बाद जल पुलिस ने एनडीआरएफ तथा संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर नाव संचालन बहाल करने का निर्णय लिया। यह फैसला यात्रियों और नाविकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
खतरे के निशान से काफी नीचे है गंगा का जलस्तर
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. सदाकांत गुप्ता के अनुसार केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार सुबह आठ बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 63.61 मीटर दर्ज किया गया।
वाराणसी में गंगा के जलस्तर के प्रमुख मानक इस प्रकार हैं—
- चेतावनी जलस्तर: 70.26 मीटर
- खतरे का जलस्तर: 71.26 मीटर
- उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL): 73.90 मीटर
आंकड़ों के अनुसार 11 अगस्त की सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 63.71 मीटर था। इसके मुकाबले बुधवार को जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई। वर्तमान जलस्तर चेतावनी बिंदु से करीब 6.65 मीटर नीचे है।
सुरक्षा के कारण रोका गया था नाव संचालन
पिछले दिनों खराब मौसम और गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर नाव संचालन पर अस्थायी रोक लगा दी थी। इस दौरान जल पुलिस और संबंधित एजेंसियों की ओर से नदी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी गई।
अब मौसम में सुधार और जलस्तर सामान्य होने के बाद नावों के संचालन की अनुमति दे दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और नदी की स्थिति में दोबारा बदलाव होने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बाढ़ जैसी स्थिति नहीं
प्रशासन के मुताबिक फिलहाल वाराणसी में गंगा का जलस्तर सामान्य है और बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। जल पुलिस एवं संबंधित सुरक्षा एजेंसियां नदी क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं। नाव संचालन बहाल होने से गंगा पार जाने वाले यात्रियों और पर्यटकों को भी राहत मिली है।