वाराणसी में BJP पार्षद का ‘Kiss’ वाला Viral Video, मनोज यादव ने बताया राजनीतिक साजिश
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भाजपा के नामित पार्षद मनोज यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। वायरल वीडियो में एक महिला बाइक पर पार्षद के पीछे बैठी दिखाई दे रही है और कथित तौर पर उनके गाल पर कई बार चुंबन करती नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
नदेसर इलाके का बताया जा रहा वीडियो
वायरल हो रहा वीडियो करीब 1 मिनट 11 सेकेंड का बताया जा रहा है। इसमें वाराणसी के काल भैरव वार्ड से भाजपा के नामित पार्षद मनोज यादव बाइक चलाते दिखाई दे रहे हैं। उनके पीछे बैठी महिला कथित तौर पर उनके गाल पर तीन बार चुंबन करती नजर आती है।
वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं शुरू हो गईं।
पार्षद ने बताया राजनीतिक साजिश
वीडियो वायरल होने के बाद शुक्रवार को मनोज यादव मीडिया के सामने आए और पूरे मामले पर अपनी सफाई दी। उन्होंने वायरल वीडियो को राजनीतिक साजिश बताते हुए आरोप लगाया कि विरोधियों ने उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि खराब करने के उद्देश्य से इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया है।
पार्षद का कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रही महिला से उनके पारिवारिक संबंध हैं और वह उन्हें बहन की तरह मानते हैं। उन्होंने रिश्ते को देवर-भाभी जैसा भी बताया।
वीडियो से छेड़छाड़ का भी दावा
मनोज यादव ने आरोप लगाया कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे भ्रामक तरीके से सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित महिला की ओर से कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
महिला के बारे में भी सामने आई अलग-अलग चर्चाएं
वीडियो वायरल होने के शुरुआती दौर में सोशल मीडिया पर महिला को पार्षद की पत्नी बताए जाने की चर्चाएं भी सामने आईं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं वीडियो में दिखाई दे रही महिला की ओर से अब तक सार्वजनिक रूप से कोई बयान सामने नहीं आया है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी सच्चाई
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। एक तरफ वीडियो को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं पार्षद ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए अपना पक्ष रखा है। वीडियो की वास्तविकता, उसमें किसी तरह की एडिटिंग हुई है या नहीं और पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में सामने आए दावों को संबंधित पक्षों के बयानों और पुलिस जांच के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।