वाराणसी को मिलेगा नया स्वरूप! दो माह में बनेगा देश का पहला ‘गार्बेज फ्री सिटी’, महापौर ने पेश किया विकास का विजन 2028

नगर निगम वाराणसी ने दावा किया है कि अगले दो माह में काशी देश का पहला गार्बेज फ्री सिटी बनेगा। महापौर अशोक तिवारी ने शिवा थीम पार्क, स्मार्ट सुविधाओं और विकास योजनाओं का रोडमैप पेश किया।
 

 

वाराणसी। नगर निगम वाराणसी ने शहर को स्वच्छ, आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस बनाने की दिशा में बड़ा दावा किया है। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा है कि अगले दो माह के भीतर वाराणसी देश का पहला “गार्बेज फ्री सिटी” बनने जा रहा है। नगर निगम द्वारा शहर से कूड़ाघरों को समाप्त करने और आधुनिक शहरी विकास को गति देने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।

सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में कार्यकाल के तीन वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित प्रेस वार्ता में महापौर ने नगर निगम की उपलब्धियां गिनाईं और “विजन 2028” का रोडमैप भी साझा किया।

27 में से 23 कूड़ाघर बंद

महापौर ने बताया कि शहर के 27 कूड़ाघरों में से 23 को बंद किया जा चुका है, जबकि शेष चार को भी समाप्त करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि बनारस को “कूड़ा मुक्त शहर” बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में वाराणसी जहां 41वें स्थान पर था, वहीं अब 2025 में 17वें स्थान पर पहुंच चुका है। सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या 4075 से बढ़ाकर 7428 कर दी गई है।

काशी में बनेगा ‘शिवा थीम पार्क’

महापौर ने आने वाले वर्षों की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि भेलूपुर क्षेत्र में भव्य “शिवा थीम पार्क”, फूड प्लाजा और संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा, जिससे पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।

इसके अलावा अस्सी घाट, मैदागिन, भदैनी और सारनाथ में आधुनिक पार्किंग सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।

नगर निगम की आय में चार गुना वृद्धि

नगर निगम ने बिना गृहकर बढ़ाए वित्तीय मजबूती हासिल करने का दावा भी किया। महापौर के अनुसार पिछले तीन वर्षों में निगम का राजस्व 94.36 करोड़ से बढ़कर 415 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

वहीं नगर निगम का कुल बजट 843 करोड़ से बढ़कर 2775.44 करोड़ रुपये हो गया है। अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत 1250 बीघा जमीन कब्जा मुक्त कराकर नगर निगम के लैंड बैंक में शामिल की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7 अरब रुपये बताई गई।

पेयजल, सीवर और सफाई पर विशेष जोर

नगर निगम द्वारा 72 करोड़ रुपये की लागत से 138 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाई गई है। 22 वार्डों में सीवर, सड़क और पेयजल परियोजनाओं पर 2161 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

इसके अलावा सभी 100 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान, क्यूआर कोड आधारित निगरानी व्यवस्था, सफाईकर्मियों की डिजिटल उपस्थिति, 49 नए सार्वजनिक शौचालय, ट्रांसजेंडर फ्रेंडली शौचालय,300 आउटसोर्सिंग कर्मचारी सीवर सफाई में तैनात जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

मियावाकी जंगल और तालाबों का जीर्णोद्धार

महापौर ने बताया कि करसड़ा डंपिंग ग्राउंड का वैज्ञानिक तरीके से बायोमाइनिंग कर वहां “मियावाकी जंगल” विकसित किया जाएगा। इसके अलावा सुजाबाद डोमरी और कंचनपुर क्षेत्रों में भी मियावाकी वन तैयार किए जा रहे हैं।

सीएसआर फंड के माध्यम से दुर्गाकुंड और शंकुलधारा समेत 16 तालाबों का सौंदर्यीकरण किया गया है, जबकि 583 पुराने कुओं का जीर्णोद्धार भी कराया गया है।

खेल, संस्कृति और स्मार्ट सुविधाओं पर फोकस

नगर निगम ने 72वीं सीनियर राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप की मेजबानी, कजरी महोत्सव और गंगा पार पतंग प्रतियोगिता जैसे आयोजनों का भी उल्लेख किया।

साथ ही डिजिटल लाइब्रेरी, सीनियर केयर सेंटर, मुफ्त वाई-फाई, कूलिंग सेंटर, अंडरग्राउंड पार्किंग, नमो बनारस केंद्र जैसी आधुनिक सुविधाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

“विरासत के साथ आधुनिकता” हमारा लक्ष्य: नगर आयुक्त

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए इसे आधुनिक वैश्विक शहर के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में काशी को स्वच्छ, स्मार्ट और सुविधाजनक शहर बनाने की दिशा में और तेजी से काम किया जाएगा।