वाराणसी: सिगरा थाने में दर्ज मामले में राशिद अख्तर को मिली जमानत

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने 15 अक्टूबर को सुनाया आदेश, बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने की पैरवी
 

वाराणसी। सिगरा थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 0241/2024 के मामले में अभियुक्त राशिद अख्तर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, वाराणसी की अदालत ने 15 अक्टूबर 2026 को जमानत प्रदान कर दी। मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67A के तहत आरोपों का उल्लेख किया गया है।

अभियुक्त की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी, राजेश त्रिवेदी और आशुतोष शुक्ला ने न्यायालय में पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने जमानत के समर्थन में तर्क प्रस्तुत करते हुए मामले से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध अभिलेखों और अभियुक्त के पक्ष में मौजूद परिस्थितियों को न्यायालय के समक्ष रखा। अधिवक्ताओं ने अनुरोध किया कि अभियुक्त को न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करने की शर्त पर जमानत का लाभ दिया जाए।

मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने राशिद अख्तर को जमानत देने का आदेश पारित किया। आदेश के अनुसार, अभियुक्त को जमानत की निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा तथा जांच और न्यायिक कार्यवाही में आवश्यक सहयोग देना होगा।

बचाव पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं ने न्यायालय के आदेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में तथ्यों और संबंधित विधिक प्रावधानों के आधार पर निष्पक्ष सुनवाई महत्वपूर्ण है।

मामले में आगे की न्यायिक कार्यवाही संबंधित न्यायालय के निर्देशों के अनुसार जारी रहेगी। जमानत मिलना मामले में आरोपों के अंतिम निर्णय के समान नहीं है; मामले का निस्तारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।