बनारस रोप-वे परियोजना को बड़ी राहत, VDA को 90 साल की लीज पर ₹1 प्रीमियम में मिली भूमि

बनारस रोप-वे परियोजना को बड़ी राहत मिली। टावर-29 और स्टेशन-5 के निर्माण के लिए VDA को 90 साल की लीज पर ₹1 प्रीमियम में भूमि आवंटित की जाएगी।
 

वाराणसी।  शहर की बहुप्रतीक्षित रोप-वे परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। टावर संख्या-29 और स्टेशन संख्या-5 के निर्माण के लिए कोतवालपुरा स्थित नजूल भूमि वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) को 90 वर्ष की लीज पर प्रतीकात्मक ₹1 प्रीमियम के साथ आवंटित करने का प्रस्ताव मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। इस प्रस्ताव को नगर विकास, वित्त और राजस्व विभाग की सहमति भी प्राप्त हो चुकी है।

90 वर्ष की लीज पर मिलेगी भूमि

प्रस्ताव के अनुसार, कोतवालपुरा स्थित नजूल आराजी संख्या-88 की कुल चार बिस्वा 19 धूर भूमि में से एक बिस्वा 19 धूर क्षेत्र रोप-वे परियोजना के टावर संख्या-29 और स्टेशन संख्या-5 के निर्माण के लिए VDA को दिया जाएगा। लीज की अवधि 90 वर्ष होगी, जिसका हर 30 वर्ष में नवीनीकरण किया जाएगा।

भूमि उपयोग को लेकर तय की गईं सख्त शर्तें

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस भूमि का उपयोग केवल रोप-वे परियोजना के लिए किया जाएगा। यदि तीन वर्ष के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं होता या भूमि का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया जाता है, तो सरकार को भूमि वापस लेने का अधिकार होगा।

इसके अलावा, भूमि को किसी निजी व्यक्ति या संस्था को हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस आवंटन को भविष्य में किसी अन्य मामले के लिए मिसाल नहीं माना जाएगा।

परियोजना से मिलेगा शहर को बड़ा लाभ

भूमि आवंटन की प्रक्रिया तेज होने से वाराणसी रोप-वे परियोजना के निर्माण कार्य में गति आने की उम्मीद है। यह परियोजना शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, भीड़भाड़ कम करने और यात्रियों को तेज एवं सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही, यह वाराणसी के शहरी विकास और पर्यटन को भी नई गति दे सकती है।