साइबर ठगों पर वाराणसी पुलिस का शिकंजा, फर्जी कॉल सेंटर से करोड़ों की ठगी का खुलासा
वाराणसी। प्रदेशव्यापी अभियान ऑपरेशन 'साइ-वज्र (Cy-Vajra)' के तहत वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 21 महिलाओं सहित कुल 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह पर शेयर बाजार में निवेश के नाम पर करीब 1.25 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 55 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, फर्जी पहचान पत्र तथा अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम सेल, प्रतिबिंब टीम और भेलूपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने 30 जुलाई को महमूरगंज स्थित शाही टावर बिल्डिंग में संचालित फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान गिरोह के संचालक समेत 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि गिरोह शेयर बाजार, व्यापार और निवेश में रुचि रखने वाले लोगों का डाटा एकत्र करता था। इसके बाद कॉल सेंटर में कार्यरत कर्मचारी स्वयं को सेबी पंजीकृत संस्था "एन के डी एंड एसोसिएट्स" का प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते थे। विश्वास जीतने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था और अधिक मुनाफे व निवेश संबंधी सलाह देने के नाम पर सदस्यता शुल्क वसूला जाता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी खाता प्रबंधन और निवेश सेवाओं का झांसा देकर विभिन्न बैंकों के क्यूआर कोड और यूपीआई आईडी के माध्यम से लोगों से धनराशि मंगाते थे। इस प्रकार अब तक करीब 1.25 करोड़ रुपये की साइबर ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
गिरफ्तार आरोपियों में वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, मिर्जापुर तथा बिहार के रोहतास जनपद के निवासी शामिल हैं। मामले में भेलूपुर थाने में संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस एक फरार आरोपी अम्बर सिंह मौर्या की तलाश कर रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 55 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, तीन फर्जी आधार कार्ड, एक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस तथा "एन के डी एंड एसोसिएट्स" से संबंधित फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। जब्त सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
इस कार्रवाई का नेतृत्व साइबर क्राइम सेल प्रभारी मनोज कुमार तिवारी तथा भेलूपुर थाना प्रभारी निरीक्षक दुर्गा सिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने किया। अभियान पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, पुलिस उपायुक्त नीतू काद्यान, अपर पुलिस उपायुक्त नृपेन्द्र तथा एसीपी चेतगंज के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ। पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई में शामिल टीमों की सराहना करते हुए कहा कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।