Varanasi News: स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर सीएमओ सख्त, औचक निरीक्षण में मिलीं कई खामियां

 
वाराणसी। जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अराजीलाइन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की उपस्थिति, स्वच्छता व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता तथा विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन की समीक्षा की गई।

निरीक्षण के समय प्रातः 8:45 बजे तक कुछ चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों को छोड़ अधिकांश स्टाफ अनुपस्थित पाया गया। इस पर सीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे कार्यशैली में गंभीर लापरवाही माना। वहीं अस्पताल परिसर एवं विभिन्न विभागों में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली, जिस पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।

चिकित्सालय की प्रशासनिक एवं व्यवस्थागत कमियों को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार सिंह से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही जवाब प्राप्त होने तक उनका वेतन अवरुद्ध करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में अनुशासन, समयपालन एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती होने के बावजूद प्रसव कक्ष से एक नवजात शिशु को उच्च केंद्र के लिए रेफर किया गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने संबंधित चिकित्सकों एवं अधिकारियों से स्पष्ट कारण सहित विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

सीएचसी के कोल्ड चेन प्वाइंट के निरीक्षण में वैक्सीन वितरण संबंधी रजिस्टर अद्यतन नहीं पाए गए। वितरण से जुड़ी प्रविष्टियां भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप दर्ज नहीं थीं। इस संबंध में संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगते हुए अभिलेखों के नियमित एवं व्यवस्थित रखरखाव के निर्देश दिए गए।

डॉ. मुकेश कुमार ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समय पर उपस्थित रहने, स्वच्छता बनाए रखने, अभिलेखों का सही संधारण करने तथा मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद के स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित निगरानी जारी रहेगी और कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।