Varanasi News: सावन से पहले अलर्ट मोड में प्रशासन, मार्कंडेय महादेव मंदिर पहुंचे डीएम

 सावन मेले की तैयारियों का डीएम ने किया निरीक्षण, सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर दिया जोर
 
श्रावण मेले को लेकर प्रशासन सख्त, मार्कंडेय महादेव मंदिर का डीएम ने किया निरीक्षण

वाराणसी। आगामी श्रावण मास में लाखों श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कैथी स्थित प्रसिद्ध मार्कंडेय महादेव मंदिर का स्थलीय निरीक्षण कर सावन मेले की तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, दर्शन-पूजन, स्वच्छता एवं यातायात व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र तथा गंगा घाट का निरीक्षण करते हुए प्रवेश एवं निकास द्वार, घाटों और मेले से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष सफाई अभियान संचालित करने, पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मियों एवं स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महिला पुलिसकर्मियों की पर्याप्त तैनाती, जिगजैग बैरिकेडिंग, सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था तथा होल्डिंग एरिया विकसित करने के भी निर्देश दिए।

गंगा घाट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने डीप वाटर बैरिकेडिंग, चेंजिंग रूम, मोबाइल शौचालय, पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं पब्लिक एड्रेस सिस्टम की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त जल पुलिस चौकी की सक्रियता, गोताखोरों की तैनाती, कंट्रोल रूम का प्रभावी संचालन, नाव से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य करने, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, सीसीटीवी कैमरों की सतत निगरानी तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं को पूरी तरह दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया।

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं समन्वित ढंग से तैयारियां पूरी करने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रावण मेले के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।