वाराणसी में शहर से बाहर होंगी मीट, मछली और चिकन की दुकानें, पांच स्थानों पर विकसित होगी नई मार्केट

वाराणसी नगर निगम ने शहर से मीट, मछली और चिकन की दुकानों को बाहर स्थानांतरित करने का फैसला लिया है। रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर में नई मार्केट विकसित की जाएगी।
 

वाराणसी नगर निगम की सदन बैठक में मीट-मांस और मछली की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया। रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर में नई मंडियां विकसित होंगी।

 

वाराणसी। धर्मनगरी काशी में स्वच्छता और शहरी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। अब शहर के भीतर संचालित मीट, चिकन और मछली की दुकानों को चरणबद्ध तरीके से शहरी सीमा से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने पांच स्थानों का चयन कर लिया है, जहां व्यापारियों के लिए विशेष मार्केट विकसित की जाएगी।

नगर निगम की साधारण सभा की बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। इसके साथ ही सावन जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान व्यापारियों को होने वाली परेशानियों को भी ध्यान में रखा गया है।

पार्षद की मांग पर तेज हुई प्रक्रिया

इस मुद्दे को सबसे पहले नगर निगम की बैठक में वार्ड संख्या 100 के पार्षद गुलशन अली ने उठाया था। उन्होंने कहा था कि लगभग एक वर्ष पूर्व मीट, मछली और चिकन की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन अभी तक उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।

पार्षद ने यह भी कहा कि सावन माह में नगर निगम क्षेत्र के भीतर मीट और मछली की दुकानें बंद रहने से हजारों व्यापारियों और उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित होती है। ऐसे में शहर के बाहर व्यवस्थित मार्केट विकसित कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए।

पांच स्थानों पर बनेगी नई मंडी

नगर आयुक्त के अनुसार रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर क्षेत्रों को प्रथम चरण के लिए चिह्नित किया गया है। इन स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त मीट, मछली और चिकन मार्केट विकसित की जाएगी, जहां वर्तमान में शहर के भीतर संचालित दुकानों को स्थानांतरित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि चयनित स्थलों पर भूमि चिह्नांकन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही निर्माण एवं आवंटन की कार्यवाही शुरू की जाएगी।

स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग का लक्ष्य

नगर निगम का मानना है कि इस पहल से शहर में स्वच्छता व्यवस्था और बेहतर होगी। खुले में मांस एवं मछली की बिक्री से उत्पन्न होने वाली गंदगी और दुर्गंध पर नियंत्रण मिलेगा, जिससे स्वच्छता सर्वेक्षण में वाराणसी की स्थिति मजबूत होगी।

साथ ही धार्मिक नगरी काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान के अनुरूप शहर की छवि को और बेहतर बनाने में भी यह कदम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

व्यापारियों को मिलेगा स्थायी समाधान

नगर निगम का कहना है कि नई मार्केट विकसित होने के बाद व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं, स्वच्छ वातावरण और व्यवस्थित कारोबार का अवसर मिलेगा। इससे हर साल सावन के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं का भी समाधान हो सकेगा।

काशी इंटरप्रिटेशन सेंटर के लिए नहीं टूटेगा पुराना जलकल भवन

बैठक में भेलूपुर क्षेत्र में प्रस्तावित काशी इंटरप्रिटेशन सेंटर और कम्युनिटी पार्क को लेकर भी चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जलकल परिसर के पुराने भवन को ध्वस्त नहीं किया जाएगा। साथ ही जलापूर्ति से जुड़ी किसी भी तकनीकी व्यवस्था से छेड़छाड़ नहीं होगी। पार्क का विकास उपलब्ध खाली भूमि पर किया जाएगा।

शिवपुर में बनेगी आधुनिक फल मंडी

सदन में शिवपुर क्षेत्र में फल व्यवसायियों के लिए नई फुटकर फल मंडी विकसित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। प्रस्ताव के अनुसार यहां लगभग 500 दुकानों का निर्माण किया जाएगा, जिससे व्यापारियों को एक व्यवस्थित व्यापारिक केंद्र उपलब्ध हो सकेगा।

तालाबों और सरकारी जमीनों पर कब्जों का मुद्दा उठा

बैठक के दौरान कई पार्षदों ने सरकारी तालाबों, नजूल भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों पर हो रहे अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। पार्षदों ने भू-माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और नगर निगम की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

स्वच्छता, जल निकासी और विकास कार्यों पर चर्चा

डोर-टू-डोर कूड़ा उठान, जल निकासी, सड़क निर्माण, गृहकर, वार्डवार विकास कार्यों की पारदर्शिता और अधूरे कार्यों को लेकर भी सदन में विस्तृत चर्चा हुई। कई पार्षदों ने विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने तथा सभी परियोजनाओं की जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने की मांग की।

'नो फ्यूल डे' का दिया संदेश

बैठक का एक विशेष आकर्षण यह रहा कि महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल सहित कई अधिकारी एवं पार्षद ई-रिक्शा से टाउनहाल पहुंचे। नगर निगम द्वारा प्रत्येक शनिवार को मनाए जाने वाले 'नो फ्यूल डे' अभियान के तहत यह पहल की गई। अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

कई प्रस्तावों को मिली मंजूरी

सदन में मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम, सार्वजनिक स्थलों पर अवैध साइन बोर्ड हटाने, विद्युत उपकेंद्रों के लिए भूमि उपलब्ध कराने, पार्षदों की शैक्षिक यात्रा तथा शहर के विकास से जुड़े अन्य प्रस्तावों को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।

नगर निगम प्रशासन का कहना है कि इन फैसलों से वाराणसी को अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।