वाराणसी के लोहटिया में अधिवक्ता विशाल सेठ पर जानलेवा हमले का आरोप, पुलिस की मौजूदगी में मारपीट का दावा, कोतवाली में मुकदमा दर्ज

लोहटिया में विवाद के बाद अधिवक्ता ने लोहे के औजारों से हमला करने का लगाया आरोप, दूसरे पक्ष पर झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश का भी दावा, सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग

 

रिपोर्ट- वंशिका सेठ

वाराणसी। शहर के लोहटिया इलाके में अधिवक्ता विशाल सेठ के साथ मारपीट और जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। अधिवक्ता ने कुछ लोगों पर गाली-गलौज के बाद लोहे के घातक औजारों और धारदार वस्तुओं से हमला करने का आरोप लगाया है।

घटना में घायल विशाल सेठ का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में भी मारपीट किए जाने का दावा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

 

लाइव भारत न्यूज़ से बातचीत के दौरान अधिवक्ता विशाल सेठ ने बताया कि घटना दो दिन पहले बरसात की रात करीब 9:45 बजे हुई थी। वह अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी लोहटिया इलाके में कुछ लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। उनका आरोप है कि इस दौरान उनकी गाड़ी की चाबी भी निकाल ली गई, जिससे उनके लिए वहां से निकलना मुश्किल हो गया।

 

अधिवक्ता के मुताबिक, विवाद के बीच कुछ और लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में पप्पू अग्रहरि नामक व्यक्ति भी कई लोगों के साथ वहां पहुंचे। इसके बाद कहासुनी बढ़ गई और कुछ लोगों ने लोहे के सामान तथा धारदार वस्तुओं से उन पर हमला कर दिया।

विशाल सेठ का दावा है कि मारपीट में उन्हें गंभीर चोटें आईं और शरीर में सूजन हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद भी उनके साथ मारपीट की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

 

थाने में मुकदमा दर्ज कराने का दावा

विशाल सेठ के अनुसार, घटना के बाद पुलिस उन्हें बचाकर थाने ले गई। देर रात करीब 12 बजे कोतवाली थाने में उनके साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष की ओर से चौकी पहुंचकर तहरीर दी गई और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश की गई। उन्होंने दूसरे पक्ष की शिकायत को गलत बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग

अधिवक्ता ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने मेडिकल जांच कराई और फिलहाल अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं। उन्होंने पुलिस से घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने और घटना की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।

विशाल सेठ का कहना है कि यदि अधिवक्ताओं के साथ इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ती है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कदम उठाए जाने चाहिए।

फिलहाल, मामले में दूसरे पक्ष का बयान और पुलिस का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है। घटना से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस की जांच और दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।