वाराणसी में सिपाही पर फायरिंग करने वाले गैंग के दो और सदस्य गिरफ्तार, अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़
वाराणसी। लंका थाना क्षेत्र में आरक्षी अमित शुक्ला पर गोली चलाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गैंग के दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
उनकी निशानदेही पर शिवाजी नगर कॉलोनी में संचालित अवैध असलहा फैक्ट्री का भी खुलासा हुआ। मौके से बड़ी संख्या में हथियार, कारतूस और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने अभियान में शामिल पुलिस टीम को एक लाख रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।
पुलिस के मुताबिक, लंका क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान आरक्षी अमित शुक्ला पर गिरोह के सदस्यों ने फायरिंग की थी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। कार्रवाई के दौरान तीन बदमाशों को मुठभेड़ में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।
इसके बाद जांच और मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस ने अमन मिश्रा (22) और विमल कांत झा (55) को भी गिरफ्तार कर लिया। मामले का मुख्य अभियुक्त अंजनी नंदन झा भी पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ चुका था।
शिवाजी नगर कॉलोनी में चल रही थी अवैध हथियार फैक्ट्री
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने शिवाजी नगर कॉलोनी में चल रही अवैध असलहा फैक्ट्री का पता लगाया। तलाशी के दौरान तीन देसी पिस्तौल, 143 कारतूस, 19 बैरल और हथियार तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन समेत 61 तरह के औजार बरामद किए गए। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि फैक्ट्री में तैयार किए जाने वाले हथियार किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे और इस नेटवर्क से और कौन-कौन जुड़ा है।
पुलिस को आशंका है कि अवैध हथियारों की सप्लाई के जरिए शहर और आसपास के इलाकों में आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता था। फैक्ट्री के खुलासे के बाद हथियारों की खरीद-बिक्री और सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चला अभियान
पूरे अभियान की निगरानी पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में की गई। इसमें डीसीपी गौरव बंसवाल, एडीसीपी वैभव बांगर और एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार का मार्गदर्शन रहा। लंका थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश और अवैध हथियारों के नेटवर्क तक पहुंचने के लिए कार्रवाई की।
पुलिस आयुक्त ने अभियान में शामिल टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया। वहीं, आरक्षी अमित शुक्ला पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बरामद हथियारों और उपकरणों की जांच के साथ पुलिस गिरोह के संपर्कों तथा हथियारों की सप्लाई से जुड़े दूसरे ठिकानों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस का कहना है कि अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर नागरिकों से पुलिस को सूचना देने की अपील भी की गई है।