वाराणसी के आसमान में गूंजेगा सूर्यकिरण का शौर्य! एयर शो में नौ विमानों के हैरतअंगेज करतब से रोमांचित होंगे दर्शक

नमो घाट पर सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के प्रदर्शन की तैयारी, लूप, बैरल रोल और डीएनए मूवमेंट से रोमांचित होंगे दर्शक
 

नमो घाट पर सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के प्रदर्शन की तैयारी, लूप, बैरल रोल और डीएनए मूवमेंट से रोमांचित होंगे दर्शक

वाराणसी। गंगा के ऊपर जल्द ही भारतीय वायु सेना के विमानों की गर्जना और रोमांचक हवाई करतब देखने को मिलेंगे। वाराणसी के नमो घाट पर भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (SKAT) अपने नौ विमानों के साथ शानदार हवाई प्रदर्शन करेगी।

 

भारतीय वायु सेना प्रदर्शन-2026 के तहत आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। इस दौरान आसमान में विमानों की सटीक संरचना, पायलटों का बेहतरीन तालमेल और तिरंगे के रंगों वाली धुएं की लकीरें दर्शकों के लिए खास आकर्षण बनेंगी।

 

लूप, बैरल रोल और डीएनए मूवमेंट दिखाएंगे हवाई कौशल

सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के प्रदर्शन में लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और प्रसिद्ध डीएनए मूवमेंट जैसे रोमांचक करतब शामिल होंगे। इन करतबों के दौरान पायलटों को विमानों की गति, दिशा और ऊंचाई में बेहद सटीक बदलाव करना होता है। नौ विमानों का एक साथ अलग-अलग संरचनाओं में उड़ान भरना और निर्धारित दूरी बनाए रखते हुए करतब दिखाना लंबे प्रशिक्षण, अनुशासन और आपसी तालमेल का परिणाम है।

प्रदर्शन के दौरान विमानों से निकलने वाला केसरिया, सफेद और हरे रंग का धुआं आसमान में तिरंगे की छटा बिखेरेगा। गंगा और वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों की पृष्ठभूमि में होने वाला यह एयर शो शहरवासियों के लिए विशेष आकर्षण होगा। इससे लोगों को भारतीय वायु सेना के हवाई कौशल और देश की सुरक्षा में वायु योद्धाओं की भूमिका को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

 

हॉक एमके-132 विमानों से होगा प्रदर्शन

सूर्यकिरण टीम हॉक एमके-132 विमानों का इस्तेमाल करती है। इन विमानों का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने लाइसेंस के तहत किया है। ये विमान पायलटों के प्रशिक्षण और एरोबैटिक प्रदर्शन के लिए उपयोग किए जाते हैं। आसमान में विमानों की सटीक संरचना बनाना, एक-दूसरे के बेहद करीब उड़ान भरना और निर्धारित समय पर दिशा बदलना इस प्रदर्शन की खासियत होगी।

1996 में हुई थी सूर्यकिरण टीम की स्थापना

सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का गठन वर्ष 1996 में किया गया था। यह भारतीय वायु सेना की 52वीं स्क्वॉड्रन का हिस्सा है और कर्नाटक के बीदर एयर फोर्स स्टेशन पर स्थित है। शुरुआत में टीम किरण एमके-2 विमानों से करतब दिखाती थी।

वर्ष 2011 में सुरक्षा संबंधी कारणों और विमानों की कमी के चलते इसका प्रदर्शन रोक दिया गया था। वर्ष 2015 से टीम ने हॉक एमके-132 विमानों के साथ दोबारा प्रदर्शन शुरू किया।

टीम देश और विदेश में विभिन्न एयर शो तथा सार्वजनिक आयोजनों में भारतीय वायु सेना का प्रतिनिधित्व करती रही है। अब तक इसके 850 से अधिक हवाई प्रदर्शन करने की जानकारी दी गई है। सूर्यकिरण टीम का उद्देश्य दर्शकों का मनोरंजन करने के साथ युवाओं को विमानन क्षेत्र और भारतीय वायु सेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना भी है।

वायु सेना के 94 वर्ष पूरे होने का उत्सव

भारतीय वायु सेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। वर्ष 2026 में वायु सेना अपनी सेवा के 94 वर्ष पूरे कर रही है। इन दशकों में वायु सेना ने तकनीक, परिचालन क्षमता और आधुनिक एयरोस्पेस क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का विस्तार किया है। भारतीय वायु सेना प्रदर्शन-2026 इसी गौरवशाली यात्रा, साहस, अनुशासन और राष्ट्र सेवा के संकल्प को जनता तक पहुंचाने का प्रयास है।

उत्तर प्रदेश के पांच अधिकारियों के लिए भी खास होगा आयोजन

वाराणसी में होने वाले इस प्रदर्शन से सूर्यकिरण टीम के उन पांच अधिकारियों का विशेष जुड़ाव बताया जा रहा है, जो उत्तर प्रदेश से हैं। अपने गृह राज्य में लोगों के सामने हवाई कौशल का प्रदर्शन करना उनके लिए गर्व का अवसर होगा। यह आयोजन भारतीय वायु सेना और आम नागरिकों के बीच जुड़ाव मजबूत करने के साथ युवाओं में देश सेवा के प्रति प्रेरणा जगाने का माध्यम भी बनेगा।