वाराणसी में टूरिस्ट ट्रांसपोर्टरों का हल्ला बोल, वन टाइम टैक्स के खिलाफ चक्का जाम की चेतावनी
वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा छोटी टैक्सी और टूरिस्ट वाहनों पर लागू किए गए वन टाइम टैक्स के विरोध में सोमवार को शहर के टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। बनारस टूरिस्ट एसोसिएशन और बनारस टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में सैकड़ों वाहन स्वामियों ने अपने वाहनों का संचालन बंद कर परिवहन विभाग कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री तथा परिवहन मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान कारोबारियों ने सरकार की नई कर व्यवस्था को आर्थिक रूप से नुकसानदायक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
व्यवसाय खत्म करने की साजिश का आरोप
बीटीटीए के महामंत्री प्रकाश जायसवाल ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को धीरे-धीरे समाप्त करने की ओर बढ़ रही हैं। उनका कहना था कि बार-बार नए नियम और भारी करों के जरिए व्यवसायियों पर दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार आय से कई गुना अधिक टैक्स वसूलने की मंशा से कानून बना रही है, जिससे छोटे वाहन स्वामी मजबूर होकर इस व्यवसाय से पलायन करने को विवश हो जाएंगे। वन टाइम टैक्स को भी उन्होंने इसी नीति का हिस्सा बताया।
पर्यटन उद्योग पर असर की आशंका
एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज कुमार ने कहा कि नए टैक्स का सीधा असर पर्यटकों पर पड़ेगा। टैक्सी किराए बढ़ने से वाराणसी ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में पर्यटन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार का रवैया यही रहा तो प्रदेश में पर्यटकों की संख्या कम हो सकती है।
चक्का जाम की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान पदाधिकारी प्रद्युम्न रंजन ने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो आने वाले दिनों में पूरे उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा और सड़क पर उतरकर चक्का जाम किया जाएगा।
संरक्षक रजनीश दुबे ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि सरकार जल्द समाधान निकाले, अन्यथा आंदोलन और तेज होगा।
प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने चार मुख्य मांगें रखीं -
टैक्सी गाड़ियों पर लागू वन टाइम टैक्स तत्काल वापस लिया जाए।
पुरानी गाड़ियों पर लगाए गए वन टाइम टैक्स की पेनल्टी माफ की जाए।
पूर्व की तरह टैक्स व्यवस्था को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जाए।
अन्य राज्यों में बॉर्डर हटने के बावजूद कथित धन उगाही पर रोक लगाई जाए।
टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 28 फरवरी तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो पूरे उत्तर प्रदेश में टैक्सी वाहन स्वामियों द्वारा व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।