काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर हजारों लोगों ने लिया स्वच्छता का संकल्प

 
गंगा स्वच्छता पखवाड़ा का यह समापन कार्यक्रम जन-जागरूकता और सामूहिक भागीदारी का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।

वाराणसी।  वाराणसी में गंगा स्वच्छता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए गए “गंगा स्वच्छता पखवाड़ा” का समापन भव्य रूप से हुआ। काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर आयोजित कार्यक्रम में हजारों लोगों ने गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में नमामि गंगे मिशन के स्वयंसेवकों ने लोगों को गंगा स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इस दौरान काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में गंगा संरक्षण से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई।

कार्यक्रम में बताया गया कि नमामि गंगे परियोजना के तहत अब तक 98 सीवेज परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, साथ ही घाटों के आधुनिकीकरण और प्लास्टिक कचरे को रोकने में भी बड़ी सफलता मिली है। इसके अलावा 212 से अधिक सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के माध्यम से हजारों एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता विकसित की जा रही है।

गंगा द्वार पर जल शक्ति मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा प्रकाशित पत्रिकाओं का वितरण किया गया, जिसमें गंगा संरक्षण से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई। लोगों ने “स्वच्छ गंगा-निर्मल गंगा” और “हम नहीं रुकेंगे-हम स्वच्छ करेंगे” जैसे नारों के साथ जागरूकता का संदेश फैलाया।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि गंगा में डॉल्फिन, कछुए और अन्य जलीय जीवों के संरक्षण के लिए विशेष प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं। साथ ही ‘जल महोत्सव’ और ‘स्वच्छता रैली’ जैसे अभियानों के जरिए आम लोगों को इस मिशन से जोड़ा जा रहा है।

आयोजन में स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। आयोजकों ने सभी से अपील की कि गंगा और उसकी सहायक नदियों में प्लास्टिक या कचरा न डालें और स्वच्छता बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।