Gail पर होगा ताबड़तोड़! एक्शन खोदाई के बाद सड़कें नहीं बनाने पर होगी कार्रवाई
वाराणसी। शहर में गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों और गलियों की खोदाई के बाद मरम्मत नहीं कराने के मामले में नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में गेल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही शहर के 12 प्रमुख पर्यटन स्थलों के सुंदरीकरण, त्योहारों से पहले घाटों की सफाई और मंदिरों तक जाने वाले मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
मेयर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने मुख्य अभियंता को गेल के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने कहा कि शहर की कई गलियों की खोदाई के बाद मरम्मत नहीं कराई गई है। इससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में पार्षद अशोक मौर्य ने बिजली निगम और गेल की ओर से खोदाई से पहले संबंधित पार्षद को सूचना देने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सड़क या पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की मांग भी की।
नवरात्र और देव दीपावली से पहले घाटों की सफाई
आगामी नवरात्र, विजयदशमी, छठ पूजा और देव दीपावली को देखते हुए गंगा घाटों की सफाई शुरू करा दी गई है। कार्यों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी भी नामित किए गए हैं। उपसभापति नरसिंह दास ने बाढ़ के बाद घाटों पर जमा सिल्ट को छठ पूजा और देव दीपावली से पहले हटाने की मांग की। साथ ही नवदुर्गा मंदिरों तक जाने वाले रास्तों पर सफाई और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर दिया गया।
पार्षद अशोक मौर्य ने पूजा पंडाल आयोजकों के साथ बैठक कर विसर्जन स्थलों का निर्धारण करने और अस्थायी कुंड बनवाने का सुझाव दिया। अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि अस्थायी कुंड तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
जलभराव और सीवर-पेयजल व्यवस्था पर भी चर्चा
बैठक में ऋषि मांडवी जोन में दाखिलों से जुड़ी विसंगतियों पर मेयर ने नाराजगी जताई। पुराने वार्डों में सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने का काम धीमा होने पर भी असंतोष व्यक्त किया गया।
पार्षद सुशीला ने रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के 10 वार्डों में जलभराव, नालियों पर अतिक्रमण और स्टॉर्म वाटर निकासी की समस्या उठाई। उन्होंने आईआईटी बीएचयू के विशेषज्ञों से सर्वे कराकर जलनिकासी व्यवस्था सुधारने के लिए प्रस्ताव तैयार कराने का सुझाव दिया।
मेयर ने स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव को लेकर कहा कि कार्यदायी संस्था के साथ पांच साल का अनुबंध है। इस अवधि में रखरखाव और जवाबदेही उसी संस्था की होगी।
12 पर्यटन स्थलों के विकास को मंजूरी
कार्यकारिणी ने शहर के 12 प्रमुख पर्यटन स्थलों के सुंदरीकरण से जुड़े प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी। इसके अलावा काशी गो संरक्षण एवं निरीक्षण उपविधि-2026, ट्रेड लाइसेंस प्रक्रिया के सरलीकरण और प्रमुख घाटों व पर्यटन स्थलों के कायाकल्प से संबंधित परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई। सेवारत और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के निस्तारण की प्रक्रिया सरल करने संबंधी शासनादेश को भी मंजूरी मिली।
मंदिर के नाम का शिलापट्ट लगाने का आश्वासन
पूर्व सपा पार्षद शंकर विशनानी ने शीतला घाट के पास स्थित मंदिर स्थल पर ‘सिंधु गंगेश्वर महादेव’ के नाम का शिलापट्ट लगाने की मांग की। इस पर मेयर ने एक सप्ताह के भीतर शिलापट्ट लगवाने का आश्वासन दिया।
नगर निगम की बैठक में लिए गए इन फैसलों से शहर की सड़कों की मरम्मत, जलनिकासी, त्योहारों की तैयारियों और पर्यटन स्थलों के विकास से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आए हैं। अब इन प्रस्तावों पर कार्रवाई और निर्धारित कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन पर नजर रहेगी।