गर्मी का प्रचंड कहर! भीषण गर्मी से बेहाल बनारस, लोगों का घरों से निकलना मुश्किल

 
 लू के थपेड़ों से तपा वाराणसी, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
 

वाराणसी में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। पुरवा हवाओं के कमजोर पड़ते ही उत्तरी-पश्चिमी गर्म हवाओं ने फिर रफ्तार पकड़ ली, जिससे तापमान में अचानक उछाल दर्ज किया गया। बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 45.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 4.8 डिग्री अधिक है। गुरुवार इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन साबित हुआ।

सुबह से ही सूरज के तेवर इतने तीखे रहे कि लोगों को दोपहर जैसा एहसास होने लगा। आसमान से बरसती आग और 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गर्म पछुआ हवाओं ने पूरे शहर को भट्ठी में तब्दील कर दिया। दोपहर बाद हालात और भयावह हो गए। बाहर निकलते ही ऐसा महसूस हो रहा था मानो गर्म हवा शरीर को झुलसा देगी।

गर्मी का असर केवल दिन तक सीमित नहीं रहा। रात का तापमान भी सामान्य से 2.4 डिग्री ऊपर 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे रात में भी लू जैसे हालात बने रहे। ऊपर से बार-बार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। उमस और गर्मी के कारण लोगों की रातों की नींद उड़ गई।

मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार और शनिवार के लिए प्रचंड तापलहर का रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। लोगों को दोपहर के समय बिना जरूरी काम घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

गुरुवार को दोपहर दो बजे के बाद तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया। वहीं वातावरण की आर्द्रता 49 प्रतिशत से घटकर महज 15 प्रतिशत रह गई, जिससे शरीर का पानी तेजी से सूखने लगा और लोग बेचैनी महसूस करने लगे। बनारस प्रदेश का तीसरा और देश का 15वां सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया।

एक सप्ताह में लगातार बढ़ा तापमान

  •  15 मई — 41.2°C
  • 16 मई — 42°C
  •  17 मई — 43.4°C
  •  18 मई — 45°C
  •  19 मई — 42.4°C
  • 20 मई — 43.4°C
  •  21 मई — 45.6°C

स्वास्थ्य विभाग की सलाह

विशेषज्ञों ने लोगों से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घरों में रहने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि लगातार बढ़ती गर्मी और लू के चलते हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ गया है।