काशी विश्वनाथ धाम में सप्तमी पर शक्ति आराधना, मां विशालाक्षी को अर्पित की गई श्रृंगार सामग्री

वैदिक मंत्रोच्चार और नवदुर्गा सप्तशती के पाठ के बीच संपन्न हुए धार्मिक अनुष्ठान, लोककल्याण की कामना
 

वाराणसी। शारदीय नवरात्रि के सप्तम दिवस पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शक्ति आराधना की गई। इस अवसर पर मां भगवती की उपासना के साथ बाबा श्री काशी विश्वनाथ के प्रति श्रद्धा अर्पित की गई। धार्मिक परंपरा के तहत मां विशालाक्षी के लिए श्रृंगार सामग्री बाबा श्री विश्वेश्वर के समक्ष श्रद्धापूर्वक अवलोकित कराने के बाद प्रेषित की गई। वहीं, नवदुर्गा सप्तशती के पावन पाठ के माध्यम से मां आदिशक्ति की महिमा का गुणगान किया गया।

नवरात्रि के इस पावन अवसर पर आयोजित अनुष्ठानों में जगत के कल्याण, परिवारों में सुख-शांति और समाज में सद्भाव एवं समृद्धि की कामना की गई। धाम में शक्ति उपासना और भगवान शिव के प्रति समर्पण की परंपरा काशी की प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है।

शारदीय नवरात्रि के प्रत्येक दिन मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना का विशेष महत्व है। इसी क्रम में श्री काशी विश्वनाथ धाम में धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया जा रहा है। यहां मां शक्ति की उपासना और बाबा विश्वनाथ के प्रति श्रद्धा के संगम से आध्यात्मिक वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।