अंतरविश्वविद्यालयीय खेल प्रतियोगिताओं में दमखम दिखाएंगे संस्कृत विश्वविद्यालय के खिलाड़ी
वाराणसी। सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों की खेल प्रतिभाओं को अंतरविश्वविद्यालयीय और राष्ट्रीय स्तर पर मंच उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के प्रतिभावान खिलाड़ियों के चयन के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम जारी किया गया है। कुलसचिव राकेश कुमार ने विभागाध्यक्षों और महाविद्यालयों के प्राचार्यों को प्रतिभावान खिलाड़ियों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
विश्वविद्यालय की ओर से वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता के साथ तीरंदाजी, बॉक्सिंग, ताइक्वांडो, कुश्ती, योगासन, कराटे, सांसद खेल-कूद और फिट इंडिया खेल-कूद प्रतियोगिताओं को चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इन प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर विश्वविद्यालय की टीम गठित की जाएगी, जो आगे जोनल और अखिल भारतीय अंतरविश्वविद्यालयीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करेगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तीरंदाजी प्रतियोगिता पांच अक्टूबर, बॉक्सिंग सात अक्टूबर, वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता 10 अक्टूबर और कराटे प्रतियोगिता 12 अक्टूबर को प्रस्तावित है। ताइक्वांडो 15 दिसंबर और कुश्ती प्रतियोगिता 18 दिसंबर को आयोजित होगी। वहीं, तीरंदाजी की अंतरविश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता तेजपुर विश्वविद्यालय, असम में 15 से 22 दिसंबर, बॉक्सिंग गल्गोटियास विश्वविद्यालय में 31 अक्टूबर से पांच नवंबर तथा ताइक्वांडो की प्रतियोगिता विवेकानंद ग्लोबल विश्वविद्यालय, जयपुर में एक से पांच दिसंबर तक प्रस्तावित है। कुश्ती प्रतियोगिता पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में 20 से 28 फरवरी 2027 और योगासन प्रतियोगिता गुजरात विश्वविद्यालय में 22 से 27 फरवरी 2027 प्रस्तावित है।
विश्वविद्यालय के अनुसार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुके अथवा संबंधित खेल में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को चयन प्रक्रिया में अवसर दिया जाएगा। चयन के लिए खिलाड़ियों को हाईस्कूल से वर्तमान कक्षा तक के शैक्षणिक अभिलेख, आधार कार्ड और पासपोर्ट आकार के चार फोटो प्रस्तुत करने होंगे। इच्छुक खिलाड़ी निर्धारित तिथि तक विश्वविद्यालय के क्रीड़ा विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
चयनित खिलाड़ियों के जोनल और अखिल भारतीय अंतरविश्वविद्यालयीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग का व्यय नियमानुसार संबंधित महाविद्यालय द्वारा वहन किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने महाविद्यालयों से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।