गंगा का बढ़ता जलस्तर बना चुनौती, काशी में नाव संचालन पर रोक, घाटों का संपर्क टूटा
वाराणसी। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर अब काशी में गंगा के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है। रविवार को जलस्तर 63.78 मीटर तक पहुंच गया। जल पुलिस के मुताबिक पानी करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर और सुरक्षा को देखते हुए गंगा में छोटी-बड़ी नावों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। फिलहाल केवल क्रूज के संचालन की अनुमति है।
सावन के दूसरे सोमवार पर श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच गंगा के बढ़ते जलस्तर ने घाट क्षेत्र की व्यवस्थाओं को भी प्रभावित किया है। रविवार देर शाम काशी विश्वनाथ मंदिर का गंगा द्वार बंद कर दिया गया। अब श्रद्धालु गंगा द्वार से मंदिर में प्रवेश कर दर्शन नहीं कर सकेंगे।
घाटों का संपर्क टूटा
गंगा का पानी घाटों की सीढ़ियों को पार कर ऊपर तक पहुंच गया है। इसके चलते काशी के नए और पुराने करीब 90 घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है। अब एक घाट से दूसरे घाट तक सीढ़ियों के रास्ते आवाजाही संभव नहीं है।
पानी बढ़ते-बढ़ते ललिता घाट के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया है। इसके बाद गंगाद्वार से होने वाले काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन पर भी रोक लगानी पड़ी।
दशाश्वमेध पर बदला गंगा आरती का स्थान
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती पर भी पड़ा है। दशाश्वमेध घाट के ऊपरी हिस्से में पानी पहुंचने के कारण श्रद्धालु अब घाट पर बैठकर पहले की तरह आरती नहीं देख पा रहे हैं। जलस्तर बढ़ने के कारण आरती स्थल को पहले शनिवार को बदला गया था। रविवार को भी सुरक्षा के मद्देनजर आरती स्थल को करीब पांच फीट पीछे करना पड़ा।
मणिकर्णिका घाट तक पहुंचा पानी
गंगा का पानी मणिकर्णिका घाट तक भी पहुंच गया है। जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो शवदाह स्थल को भी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की जरूरत पड़ सकती है। प्रशासन और जल पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
चेतावनी बिंदु से अभी 6.48 मीटर नीचे
रविवार को गंगा का जलस्तर 63.78 मीटर दर्ज किया गया, जो 70.24 मीटर के चेतावनी बिंदु से 6.48 मीटर नीचे है। हालांकि पानी बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
जल पुलिस के अनुसार बढ़ते जलस्तर के बीच नावों का संचालन जोखिम भरा हो सकता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए करीब 3000 से अधिक नावों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सावन के दूसरे सोमवार पर काशी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण प्रशासन के सामने गंगा घाटों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की चुनौती बढ़ गई है। प्रशासन की निगाह अब गंगा के जलस्तर और उसकी बढ़ती रफ्तार पर टिकी है।