वाराणसी एयरपोर्ट की सुरक्षा पर उठे सवाल, इंडिगो की फ्लाइट में दिखे धार्मिक झंडे और त्रिशूल
वाराणसी। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से रविवार को इंडिगो की फ्लाइट से 224 श्रद्धालु दिल्ली के लिए रवाना हुए। ये श्रद्धालु झुंझुनू स्थित रानी सती मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय दादी महोत्सव में शामिल होने जा रहे थे। यात्रा के दौरान विमान के अंदर श्रद्धालुओं के हाथों में धार्मिक झंडे और एक बच्ची के हाथ में त्रिशूल जैसी नुकीली वस्तु दिखाई देने की तस्वीरें सामने आई हैं। इसके बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा जांच और विमान के भीतर ऐसी वस्तु पहुंचने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ट्रस्ट की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक श्रद्धालुओं की यात्रा इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6ई359 से हुई। विमान ने वाराणसी से सुबह 7:25 बजे उड़ान भरी। यात्रा के लिए कुल 234 श्रद्धालुओं को जाना था, जिनमें से 224 ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी। विमान में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से रानी सती मंगल पाठ किया। पुरुष कुर्ता-पायजामा और महिलाएं राजस्थानी परिधान में थीं।
तस्वीरों में कई यात्रियों के हाथों में धार्मिक झंडे नजर आ रहे हैं। वहीं, एक बच्ची के हाथ में त्रिशूल जैसी नुकीली वस्तु दिखाई दे रही है। इसी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। हवाई यात्रा में यात्रियों और उनके सामान की सुरक्षा जांच के बाद ही उन्हें विमान में प्रवेश दिया जाता है। ऐसे में यदि तस्वीर में दिखाई दे रही वस्तु वास्तविक त्रिशूल या कोई नुकीली वस्तु है तो उसके विमान के केबिन तक पहुंचने की परिस्थितियों की जांच जरूरी मानी जा रही है।
एयरपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार कपड़े का छोटा झंडा सामान्य परिस्थितियों में प्रतिबंधित वस्तु की श्रेणी में नहीं आता, लेकिन उसके साथ लगा लंबा, नुकीला या धातु का डंडा सुरक्षा जांच में रोका जा सकता है। वहीं, नुकीली और धारदार वस्तुओं को केबिन में ले जाने की अनुमति सुरक्षा नियमों के तहत नहीं होती। धार्मिक वस्तु होने मात्र से सुरक्षा प्रावधानों में छूट नहीं मिलती।
विमान में हुआ मंगल पाठ
यात्रियों ने उड़ान के दौरान मंगल पाठ भी किया। ट्रस्ट के सदस्य सुरेश तुलस्यान के मुताबिक श्रद्धालुओं ने मंगल पाठ की सामग्री पहले से अपने मोबाइल में डाउनलोड कर रखी थी। सभी ने ईयरफोन के माध्यम से मंगल पाठ सुना और उसका पाठ किया। उनका कहना है कि इसके लिए उड़ान के दौरान इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं किया गया और किसी तरह के प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं किया गया।
हालांकि, विमान में सामूहिक धार्मिक गतिविधि के लिए एयरलाइन या क्रू से किसी तरह की पूर्व अनुमति ली गई थी या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
एयरपोर्ट डायरेक्टर बोले- त्रिशूल विमान में पहुंचना जांच का विषय
एयरपोर्ट डायरेक्टर पुनीत गुप्ता ने कहा कि यात्रा के लिए अनुमति से संबंधित उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि विमान में त्रिशूल कैसे पहुंचा, यह जांच का विषय है और इसकी जांच कराई जाएगी।
वहीं, इंडिगो वाराणसी के प्रभारी स्टेशन हेड सोनू कुमार ने कहा कि विमान में त्रिशूल और झंडे ले जाने के लिए एयरपोर्ट की ओर से कोई अनुमति नहीं दी जाती।
उन्होंने कहा कि विमान में किसी वस्तु को ले जाने की अनुमति से संबंधित नियम बीसीएएस के प्रावधानों के तहत आते हैं और उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है।
अब तस्वीरों में दिखाई दे रही नुकीली वस्तु वास्तव में क्या थी और वह सुरक्षा जांच के बाद विमान के भीतर कैसे पहुंची, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।