नर्सिंग संवर्ग की 13 सूत्रीय मांगों को लेकर वाराणसी में विरोध, आंदोलन तेज करने की तैयारी

13 सूत्रीय मांगों को लेकर नर्सिंग कर्मचारियों ने बांधा काला फीता, आंदोलन की चेतावनी
 

वाराणसी। राजकीय नर्सेस संघ, उत्तर प्रदेश की जनपद शाखा वाराणसी ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर नर्सिंग संवर्ग की 13 सूत्रीय मांगों के समर्थन में काला फीता बांधकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान नर्सिंग कर्मचारियों ने अपने नियमित दायित्वों का निर्वहन करते हुए शासन का ध्यान लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया। संघ ने मांगों का शीघ्र निस्तारण करने की अपील की है।

संघ की प्रमुख मांगों में नर्सिंग संवर्ग के पदों का पुनर्गठन, पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी, रिक्त पदों पर नियुक्ति तथा वेतन एवं सेवा संबंधी विसंगतियों का निराकरण शामिल है। इसके अलावा नर्सिंग कर्मचारियों की अन्य लंबित समस्याओं के समाधान की भी मांग की गई है।

संघ का कहना है कि नर्सिंग कर्मचारी स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। अस्पतालों में मरीजों की देखभाल, उपचार प्रक्रिया में सहयोग और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में उनकी अहम भूमिका रहती है। ऐसे में नर्सिंग संवर्ग की समस्याओं का समयबद्ध समाधान आवश्यक है। मांगों के लंबित रहने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।

प्रदेश नेतृत्व की ओर से घोषित आंदोलन कार्यक्रम के तहत 9 अक्टूबर को काला फीता बांधकर विरोध दर्ज कराने के बाद अब 21 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 से 10 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार प्रस्तावित है। इसके बाद 22 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से स्वास्थ्य महानिदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

आंदोलन कार्यक्रम के समर्थन और आवश्यक समन्वय के लिए जनपद शाखा वाराणसी की ओर से प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक एवं अधीक्षिका सहित समस्त जिला चिकित्सालयों को पत्र भेजा गया है। वहीं, प्रदेश नेतृत्व ने शासन को ज्ञापन भेजकर 13 सूत्रीय मांगों का निराकरण करने और इस संबंध में आवश्यक शासनादेश जारी करने की मांग की है।

जनपद शाखा की जिलाध्यक्ष बीना शाह और जिला मंत्री विजय सिंह ने कहा कि नर्सिंग संवर्ग की लंबित समस्याओं का समाधान कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक होगा। उन्होंने शासन से मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।