बनारस के मरीजों की प्रधानमंत्री से गुहार, काशी में बने आधुनिक नेत्र चिकित्सालय

 

वाराणसी। “आंख हैं तो जहान है” इसी संदेश के साथ बनारस के आंख के मरीजों ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से अपील की है कि चित्रकूट की तर्ज पर काशी में भी अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सालय की स्थापना की जाए, ताकि लोगों को अपने ही शहर में बेहतर उपचार मिल सके।

मरीजों का कहना है कि Sadguru Netra Chikitsalaya में उपलब्ध सुविधाएं बेहद उन्नत हैं, जहां आधुनिक यंत्रों से जांच और बड़ी संख्या में चिकित्सकों द्वारा उपचार किया जाता है। ऐसी ही व्यवस्था अगर Varanasi में हो जाए तो हजारों मरीजों को राहत मिलेगी और उन्हें दूर नहीं जाना पड़ेगा।

समाजसेवी Subedar Yadav ने बताया कि वह अपनी माता के रेटिना (नेत्रपटल) के उपचार के लिए Chitrakoot पहुंचे थे। वहां की व्यवस्था देखकर उन्होंने महसूस किया कि बनारस में भी ऐसी सुविधा होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बनारस में चिकित्सकों को दिखाने के बाद भी संतोषजनक उपचार नहीं मिल पाया, जिसके कारण उन्हें चित्रकूट जाना पड़ा।

पूर्वांचल के बुजुर्गों और किसानों को आंखों के उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कई लोग बस और रेल से यात्रा करने में असमर्थ हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी होती है। मजबूरी में लोग दूर-दराज जाकर उपचार कराने को विवश हैं और कई बार समय पर उपचार न मिलने से आंखों की रोशनी पर असर पड़ता है।

मरीजों और समाजसेवियों ने प्रधानमंत्री से निवेदन किया है कि काशी जैसे प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक शहर में नेत्र चिकित्सा की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि बुजुर्गों को इधर-उधर भटकना न पड़े और वे अपने ही शहर में आसानी से उपचार करा सकें।