वाराणसी कैंसर संस्थान में मरीज ने चौथी मंजिल से कूदकर दी जान, 100 सुरक्षाकर्मी और CCTV के बावजूद नहीं लगी भनक

 महामना कैंसर संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप
 

वाराणसी। वाराणसी स्थित महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान में एक मरीज द्वारा कथित तौर पर चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या किए जाने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अस्पताल परिसर में लगभग 100 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और हर प्रमुख स्थान पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद मरीज वार्ड से निकलकर ऊपरी मंजिल तक पहुंच गया और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।

मृतक की पहचान रामेश्वर कुमार के रूप में हुई है, जिनका पैंक्रियाटिक कैंसर का ऑपरेशन हुआ था और वे पिछले करीब 15 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल प्रशासन के अनुसार ऑपरेशन के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति संतोषजनक बताई गई थी।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

महामना कैंसर संस्थान में प्रतिदिन उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों से हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर ओपीडी, जांच केंद्र और वार्ड तक कई स्तरों पर सुरक्षा जांच की व्यवस्था है।

परिसर की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद मरीज का वार्ड से निकलकर चौथी मंजिल तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

मृतक के छोटे भाई कमलेश ने बताया कि रामेश्वर बीमारी को लेकर पहले चिंतित जरूर थे, लेकिन ऑपरेशन के बाद उनकी स्थिति सामान्य थी। परिवार को इस तरह का कोई संकेत नहीं मिला था कि वह ऐसा कदम उठा सकते हैं।

परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने उन्हें घटना की परिस्थितियों की जानकारी देने के बजाय केवल औपचारिक पूछताछ और दस्तावेजों की मांग की। उनका कहना है कि वार्ड में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी सतर्क नहीं थे।

अस्पताल प्रशासन का बयान

अस्पताल प्रशासन ने घटना को दुखद बताते हुए शोक व्यक्त किया है। जारी बयान में बताया गया कि 35 वर्षीय मरीज की पैंक्रियाटिक कैंसर की सर्जरी हुई थी और उपचार के बाद उसकी स्थिति संतोषजनक थी।

हालांकि, प्रारंभिक स्तर पर अस्पताल प्रशासन मरीज की विस्तृत पहचान और इलाज संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं करा सका।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने पर चितईपुर थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।

एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि मामले में किसी प्रकार की लिखित तहरीर नहीं मिली है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की जांच कर रही है।