वाराणसी में 50 एकड़ में बनेगा फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का नया कैंपस

 

 

वाराणसी में 50 एकड़ में बनेगा फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का नया कैंपस

150 करोड़ की लागत से तीन वर्ष में तैयार होगा परिसर, अत्याधुनिक लैब और रिसर्च सुविधाओं से होगा लैस

वाराणसी। काशी में राष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) के नए परिसर के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं। राजातालाब तहसील के शहंशाहपुर में करीब 50 एकड़ भूमि पर विश्वविद्यालय का स्थायी कैंपस विकसित किया जाएगा। करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस परिसर का निर्माण तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है। भूमि पशुपालन विभाग की है और इसके स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यह उत्तर प्रदेश में एनएफएसयू का दूसरा कैंपस होगा।

विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत अगस्त से हो चुकी है। फिलहाल कक्षाएं जाल्हूपुर स्थित समेकित विद्यालय के भवन में अस्थायी रूप से संचालित की जा रही हैं। यहां पांच वर्षीय बीएससी-एमएससी और दो वर्षीय एमएससी पाठ्यक्रम के प्रथम बैच की पढ़ाई शुरू हुई है। दोनों पाठ्यक्रमों में 30-30 सीटें निर्धारित हैं।

स्थायी परिसर के निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों की ओर से प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर भूमि पूजन, निर्माण कार्य और विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा के साथ फॉरेंसिक जांच सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।

शिलान्यास की तैयारी

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार सात अक्टूबर को गृह मंत्री अमित शाह के काशी दौरे के दौरान विश्वविद्यालय के भवन का शिलान्यास किए जाने की तैयारी है। हालांकि कार्यक्रम की अंतिम पुष्टि संबंधित स्तर से होना बाकी है। स्थायी परिसर के तैयार होने के बाद विश्वविद्यालय में कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 500 से अधिक होने की संभावना है।

आधुनिक फॉरेंसिक और साइबर लैब की सुविधा

नए कैंपस में विद्यार्थियों को अत्याधुनिक शैक्षणिक, अनुसंधान और व्यावहारिक प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। परिसर में उच्च स्तरीय विधि विज्ञान और साइबर सुरक्षा प्रयोगशालाओं के साथ डिजिटल फॉरेंसिक और व्यवहार विज्ञान से संबंधित आधुनिक रिसर्च लैब विकसित की जाएंगी। इसके अलावा स्मार्ट क्लासरूम, सेमिनार हॉल और डिजिटल पुस्तकालय की सुविधा भी प्रस्तावित है।

विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए आधुनिक तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। परिसर में फॉरेंसिक साइंस, साइबर इन्वेस्टिगेशन और क्रिमिनोलॉजी से जुड़े विशिष्ट पाठ्यक्रमों के संचालन की योजना है। विश्वविद्यालय के स्थायी कैंपस के विकसित होने से पूर्वांचल के साथ बिहार के विद्यार्थियों को भी फॉरेंसिक विज्ञान और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण के अवसर मिल सकेंगे।