वाराणसी में पेड़ कटने पर भड़के मेयर, अधिकारियों को लगाई फटकार! बोले- लापरवाही हुई तो दर्ज कराऊंगा FIR...
वाराणसी। शहर में विकास कार्यों के नाम पर नियमों की अनदेखी को लेकर वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी ने सख्त रुख अपनाया है।
भेलूपुर थाना क्षेत्र के महमूरगंज इलाके में स्मार्ट सिटी के तहत पुनर्विकसित किए जा रहे पार्क का निरीक्षण करने पहुंचे मेयर मौके पर दशकों पुराने पेड़ को काटे जाने से नाराज हो गए।
मेयर ने अधिकारियों से पेड़ काटे जाने की अनुमति और मामले में अब तक हुई कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा।
उन्होंने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से कहा कि अगर नियमों की अनदेखी या लापरवाही सामने आई तो संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
पुराने पेड़ को काटे जाने पर मेयर ने जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान कटे हुए पुराने पेड़ को देखकर मेयर अशोक तिवारी ने अधिकारियों से सवाल किया कि आखिर पेड़ किसकी अनुमति से काटा गया। उन्होंने पूछा कि क्या पेड़ काटने के लिए अनुमति ली गई थी और यदि नहीं, तो जिम्मेदार लोगों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई।
मेयर ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार लगातार पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ विकास कार्यों के नाम पर पुराने पेड़ों को काटा जा रहा है।
अधिकारियों को FIR की चेतावनी
मामले पर नाराज मेयर ने अधिकारियों से सख्त लहजे में जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो वह भेलूपुर थाने में संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराने से पीछे नहीं हटेंगे।
मेयर का यह रुख सामने आने के बाद नगर निगम और स्मार्ट सिटी से जुड़े अधिकारियों में भी हड़कंप की स्थिति रही।
पार्क की जमीन पर अतिक्रमण का भी मुद्दा
निरीक्षण के दौरान पार्क की जमीन पर कथित अतिक्रमण का मामला भी सामने आया। मेयर ने अधिकारियों से जमीन के स्वामित्व और उस पर कब्जे को लेकर जानकारी मांगी।
उन्होंने सवाल किया कि पार्क की जमीन पर अतिक्रमण कैसे हुआ और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर मेयर ने नाराजगी जाहिर की और पूरे मामले की जानकारी देने के निर्देश दिए।
नगर निगम और स्मार्ट सिटी से मांगा जवाब
मेयर ने नगर निगम और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों से पेड़ काटे जाने और पार्क की जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर जवाब मांगा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल यह सवाल बना हुआ है कि पुराने पेड़ को काटने की अनुमति किस स्तर से दी गई और पार्क की जमीन पर कथित अतिक्रमण कैसे हुआ। मामले में अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।