UGC एक्ट के विरोध में उतरी क्षत्रिय करणी सेना, आर्थिक आधार पर आरक्षण की उठाई मांग

 जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में जिला मजिस्ट्रेट ने लिया ज्ञापन, मांगों को आगे भेजने का दिया आश्वासन, मांगें पूरी न होने पर बड़े धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
 

वाराणसी। UGC एक्ट के विरोध एवं आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक आधार को प्रमुख मानदंड बनाए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को क्षत्रिय करणी सेना जिला वाराणसी की ओर से जिला मुख्यालय पर विरोध दर्ज कराया गया। दोपहर करीब 12 बजे संगठन के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह रघुवंशी के नेतृत्व में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी विभिन्न मांगें रखीं।

यह कार्यक्रम क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत के निर्देशानुसार तथा प्रदेश अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद सिंह सोमवंशी के आह्वान पर आयोजित किया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने UGC एक्ट से संबंधित प्रावधानों की समीक्षा करने तथा आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक आधार को महत्वपूर्ण मानदंड बनाए जाने की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में जिला मजिस्ट्रेट ने संगठन का ज्ञापन ग्रहण किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को विस्तार से उनके सामने रखा। जिला मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन को लेकर आश्वासन दिया कि संगठन की ओर से उठाई गई मांगों को संबंधित स्तर पर आगे भेजा जाएगा।

ज्ञापन में रखी गईं छह प्रमुख मांगें

1. UGC एक्ट की तत्काल समीक्षा की जाए

संगठन ने मांग की है कि UGC से संबंधित जिन प्रावधानों को लेकर विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाज के विभिन्न वर्गों में असंतोष है, उनकी निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए। संगठन ने कहा कि व्यापक जनपरामर्श के बाद ही इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय लिया जाए।

2. आरक्षण व्यवस्था की समयबद्ध एवं निष्पक्ष समीक्षा हो

ज्ञापन में कहा गया है कि आरक्षण व्यवस्था का लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति के माध्यम से समीक्षा कराई जानी चाहिए। संगठन ने आरक्षण व्यवस्था की समयबद्ध एवं निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है।

3. आर्थिक आधार को महत्वपूर्ण मानदंड बनाया जाए

संगठन ने मांग की है कि परिवार की वास्तविक आर्थिक स्थिति, आय, संपत्ति एवं अन्य प्रासंगिक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जरूरतमंद विद्यार्थियों एवं अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था विकसित की जाए।

4. क्रीमी लेयर व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए

क्षत्रिय करणी सेना ने कहा कि जो परिवार लंबे समय से आरक्षण का लाभ लेकर सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सक्षम हो चुके हैं, उनके संबंध में वर्तमान क्रीमी लेयर व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि आरक्षण का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके।

5. आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष सहायता बढ़ाई जाए

ज्ञापन में गरीब एवं मध्यमवर्गीय विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, फीस में राहत, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सहायता, छात्रावास एवं शिक्षा ऋण जैसी सुविधाओं को मजबूत किए जाने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

6. UGC एवं उच्च शिक्षा से जुड़े निर्णयों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए

संगठन ने मांग की है कि UGC एवं उच्च शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए विद्यार्थियों, शिक्षाविदों, अभिभावकों एवं सामाजिक संगठनों से व्यापक चर्चा के बाद नीतिगत निर्णय लिए जाने की मांग की गई है।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन

क्षत्रिय करणी सेना के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह रघुवंशी ने कहा कि संगठन ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को जिला प्रशासन के समक्ष रखा है। ज्ञापन के माध्यम से संबंधित विषयों पर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया है।

संगठन ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है और मांगों को लेकर अपेक्षित कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो आने वाले समय में व्यापक स्तर पर धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। संगठन ने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और बड़े स्तर पर ले जाने की रणनीति तैयार की जाएगी।

इस दौरान मुख्य रूप से विराज सिंह, अजय राठौर, मनीष सिंह, हर्ष पंडित समेत क्षत्रिय करणी सेना के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।