काशी में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे, यादव बंधुओं ने 5 प्रमुख शिवालयों में किया जलाभिषेक
वाराणसी। सावन के प्रथम सोमवार पर धर्मनगरी काशी शिवभक्ति में सराबोर नजर आई। सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए यदुकुल के यादव बंधुओं ने भोर में केदार घाट से गंगाजल भरकर काशी के पांच प्रमुख शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
पूरे मार्ग में "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।
परंपरा के अनुसार सबसे पहले श्रद्धालु केदार घाट पहुंचे, जहां गंगा स्नान के बाद गंगाजल लेकर गौरी-केदारेश्वर मंदिर में जलाभिषेक किया। इसके बाद बाबा काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
जलाभिषेक यात्रा यहीं नहीं रुकी। श्रद्धालुओं ने महामृत्युंजय मंदिर, ओंकारेश्वर मंदिर, लाट भैरव मंदिर और सारंगनाथ मंदिर में भी भगवान शिव का जलाभिषेक किया। यात्रा के दौरान श्रद्धालु गंगाजल की कलश लेकर शिवभक्ति में लीन दिखाई दिए। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।
यदुकुल के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। मान्यता है कि सावन के पहले सोमवार को केदार घाट से गंगाजल लाकर काशी के प्रमुख शिवालयों में जल चढ़ाने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए थे। प्रमुख मंदिरों और यात्रा मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन की सुविधा मिल सके।