वाराणसी के कबीर चौरा अस्पताल का औचक निरीक्षण, सचिव रितु माहेश्वरी ने दिए सख्त निर्देश! बनेगा 500+ बेड का नया अस्पताल
वाराणसी। उत्तर प्रदेश शासन की चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव श्रीमती रितु माहेश्वरी ने 24 सितंबर 2026 को वाराणसी के श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय जिला अस्पताल (कबीर चौरा) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं, दवा वितरण, डिजिटल हेल्थ सेवाओं, ओपीडी, आईपीडी और निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
इस दौरान अस्पताल के एसआईसी, वाराणसी के सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग और पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सचिव ने व्यवस्थाओं में कमी मिलने पर अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए और लापरवाही की स्थिति में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की चेतावनी दी।
500 से अधिक बेड का बनेगा नया अस्पताल
कबीर चौरा अस्पताल के पुराने भवन को ध्वस्त कर उसके स्थान पर 500 से अधिक बेड वाला नया अस्पताल बनाए जाने की योजना है। इसके लिए पुराने अस्पताल भवन को परिसर में मौजूद एमसीएच विंग में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए।
एसआईसी, जिला महिला अस्पताल की सीएमएस और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को 15 दिन के भीतर शिफ्टिंग प्लान तैयार कर अंतिम रूप देने को कहा गया है।
दवाओं की उपलब्धता और स्टॉक पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में दवा वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अस्पताल में आवश्यक सूची में 390 से अधिक दवाएं शामिल होने के बावजूद ओपीडी में करीब 80-85 दवाएं ही वितरित किए जाने पर सचिव ने नाराजगी जताई।
उन्होंने निर्देश दिया कि उपलब्ध दवाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए और डॉक्टरों व संबंधित कर्मचारियों को दवाओं के स्टॉक की पूरी जानकारी हो।
DVDMS पोर्टल पर दवाओं का रिकॉर्ड होगा अपडेट
दवाओं की मांग यानी Indent की एंट्री DVDMS पोर्टल पर किए जाने की जानकारी मिली, लेकिन दवाओं की खपत का रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट नहीं किया जा रहा था।
सचिव ने इसे तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि लापरवाही मिलने पर फार्मासिस्ट और चीफ फार्मासिस्ट की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
ABHA से जुड़ेगा मरीजों का डिजिटल रिकॉर्ड
अस्पताल में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। सचिव ने सभी मरीजों के रजिस्ट्रेशन को ABHA आधारित बनाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही लैब जांच रिपोर्ट को HIS पोर्टल पर अपलोड कर मरीजों का इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करने और रिपोर्ट SMS या WhatsApp के माध्यम से मरीजों तक पहुंचाने को कहा गया।
एक सप्ताह में WhatsApp पर मिलेगी लैब रिपोर्ट
POCT टीम को एक सप्ताह के भीतर लैब सेवाओं को पूरी तरह संचालित करने के निर्देश दिए गए। व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों को जांच रिपोर्ट उनके मोबाइल पर WhatsApp के जरिए भेजी जाएगी।
इससे मरीजों को सिर्फ रिपोर्ट लेने के लिए दोबारा अस्पताल की लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। निर्धारित समय में व्यवस्था लागू नहीं होने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
QR Code से मिलेगा टोकन, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा
अस्पताल के पंजीकरण काउंटरों पर भीड़ कम करने के लिए QR Code Scan करके टोकन लेने और घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा को तत्काल लागू करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा अस्पताल में चल रही e-Prescription व्यवस्था को अन्य संबंधित पटलों तक विस्तार देने को भी कहा गया।
अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे सेवाओं को लेकर निर्देश
सचिव ने सभी अल्ट्रासाउंड जांच और उनकी रिपोर्ट को अनिवार्य रूप से HIS पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
वहीं बंद पड़ी या अनुपयोगी डिजिटल एक्स-रे मशीनों को तत्काल चालू करने को कहा गया। जिन मशीनों की वर्तमान अस्पताल में जरूरत नहीं है, उन्हें सीएमओ और एसआईसी की कार्ययोजना के अनुसार ऐसे अस्पतालों में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए, जहां उनके संचालन के लिए ऑपरेटर उपलब्ध हैं।
लंबे समय से गैरहाजिर डॉक्टर पर कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान एक डॉक्टर के लंबे समय से अनुपस्थित पाए जाने पर सचिव ने एसआईसी को संबंधित डॉक्टर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए तत्काल शासन और स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजने के निर्देश दिए।
मरीजों से भी लिया स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक
निरीक्षण के दौरान रितु माहेश्वरी ने अस्पताल की OPD, IPD और सर्जिकल वार्डों का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली।
सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आम लोगों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।