काशी में पूरी होगी जसपाल राणा की अंतिम इच्छा, वाराणसी पहुंचा पार्थिव शरीर, मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार

 पद्मश्री शूटर और कोच जसपाल राणा का पार्थिव शरीर विशेष विमान से वाराणसी पहुंचा। उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
 
पेरिस ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर के कोच जसपाल राणा का पार्थिव शरीर वाराणसी पहुंचा, मणिकर्णिका घाट पर अंतिम विदाई
 

वाराणसी। भारत के दिग्गज निशानेबाज, पद्मश्री सम्मानित शूटर और अंतरराष्ट्रीय कोच जसपाल राणा का पार्थिव शरीर शनिवार को विशेष चार्टर विमान से वाराणसी लाया गया। खेल जगत के इस बड़े नाम के निधन से देशभर में शोक की लहर है। वाराणसी एयरपोर्ट पर उनके पार्थिव शरीर के पहुंचते ही खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और अधिकारियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, जसपाल राणा की इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार मोक्षदायिनी काशी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाए। उनकी इसी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए परिवार ने वाराणसी में अंतिम संस्कार का निर्णय लिया। एयरपोर्ट से उनके पार्थिव शरीर को सीधे मणिकर्णिका घाट ले जाया गया, जहां वैदिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

जसपाल राणा भारतीय शूटिंग जगत का एक बड़ा नाम रहे हैं। उन्होंने अपने करियर में कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का नाम रोशन किया। बाद में बतौर कोच भी उन्होंने देश को कई प्रतिभाशाली निशानेबाज दिए। पेरिस ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर की सफलता में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।

जानकारी के अनुसार, जसपाल राणा पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में उपचाराधीन थे। बताया जा रहा है कि जर्मनी से भारत लौटते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उनके हृदय में स्टेंट भी डाला, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

उनके निधन की खबर से खेल जगत, उनके प्रशंसकों और शिष्यों में गहरा शोक है। सोशल मीडिया पर भी खिलाड़ियों और खेल संगठनों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

काशी में उनका अंतिम संस्कार होने से उनके चाहने वालों को उन्हें अंतिम विदाई देने का अवसर मिलेगा। देश के खेल इतिहास में जसपाल राणा का नाम हमेशा सम्मान और गौरव के साथ याद किया जाएगा।