स्मार्ट मीटर में है परेशानी? पुराने मीटर ही करेंगे सच्चाई की जांच...

स्मार्ट मीटर में है परेशानी? पुराने मीटर ही करेंगे सच्चाई की जांच...
 

स्मार्ट मीटर पर भरोसा बढ़ाने का नया फॉर्मूला: पुराने मीटर से होगी रीडिंग की जांच

वाराणसी। वाराणसी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शंकाओं को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) ने फैसला लिया है कि घरों से हटाए जा रहे पुराने मीटर को अब ‘चेक मीटर’ के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे उपभोक्ता नई और पुरानी रीडिंग का मिलान खुद कर सकेंगे।

प्रेस वार्ता में एमडी शम्भू कुमार ने कहा कि विभाग पारदर्शिता और उपभोक्ता विश्वास को प्राथमिकता दे रहा है। वहीं निदेशक (वाणिज्य) शिशिर सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि किसी उपभोक्ता को शिकायत होती है, तो पुराने मीटर लगाकर रीडिंग की जांच कराई जाएगी।

 क्या हैं स्मार्ट मीटर के फायदे?

फ्री इंस्टॉलेशन: पुराने मीटर हटाकर नए स्मार्ट प्रीपेड मीटर मुफ्त लगाए जा रहे हैं। 
2% डिस्काउंट: समय पर रिचार्ज करने पर बिजली बिल में छूट। 
नो डिस्कनेक्शन टाइम: शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक, रविवार व छुट्टियों में बिजली नहीं कटेगी। 
रियल टाइम अपडेट: UPPCL Smart App से खपत और बैलेंस की जानकारी। 
सिक्योरिटी एडजस्टमेंट: पुरानी जमा राशि को बैलेंस में जोड़ा जाएगा। 


वाराणसी में तेजी से बढ़ रहा स्मार्ट मीटर नेटवर्क

अधिकारियों के अनुसार, वाराणसी में अब तक 1,74,569 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इंस्टॉलेशन का कार्य GMR Group और Genus Power Infrastructures द्वारा किया जा रहा है।

इन मीटरों में साइबर सिक्योरिटी, डेटा प्राइवेसी और सोलर उपभोक्ताओं के लिए नेट मीटरिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं भी दी जा रही हैं।

स्मार्ट प्रदेश’ की ओर कदम

यह पहल बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को नियंत्रण और सुविधा देने की दिशा में बड़ा कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्मार्ट मीटर को लेकर फैली भ्रांतियां दूर होंगी और उपभोक्ताओं का भरोसा और मजबूत होगा।