घमहा पुर हत्याकांड: आंदोलन से पहले करणी सेना जिलाध्यक्ष हाउस अरेस्ट, 6 मई को बढ़ी सियासी गर्मी

 
 

वाराणसी। घमहा पुर गांव में हुए मनीष सिंह हत्याकांड को लेकर आज 6 मई को हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए। पहले से घोषित आंदोलन से ठीक पहले क्षत्रिय करणी सेना के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह रघुवंशी को प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर लिया। उन्हें उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया गया, ताकि घमहा पुर में प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को रोका जा सके।

गौरतलब है कि अभिषेक सिंह रघुवंशी ने कुछ दिन पहले मृतक के परिजनों से मुलाकात के दौरान चेतावनी दी थी कि यदि 6 मई तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो करणी सेना बड़ा आंदोलन करेगी। इसी अल्टीमेटम के बाद प्रशासन पहले से सतर्क हो गया था।

सूत्रों के अनुसार, प्रशासन को आशंका थी कि आंदोलन के दौरान स्थिति बिगड़ सकती है और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए एहतियातन कार्रवाई करते हुए करणी सेना जिलाध्यक्ष को उनके घर पर ही रोक दिया गया। घमहा पुर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती भी बढ़ा दी गई है।

करणी सेना के कार्यकर्ताओं में इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है और शांतिपूर्ण विरोध को दबाने की कोशिश की जा रही है। वहीं प्रशासन का पक्ष है कि यह कदम केवल शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

मनीष सिंह हत्याकांड को लेकर अब भी परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश बना हुआ है। उनका आरोप है कि अब तक मामले में पूरी तरह से न्याय नहीं मिला है और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है।

गांव में लगातार तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं। आज के घटनाक्रम के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है और क्या पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल पाता है।


इसी बीच, मामले में पुलिस को आंशिक सफलता भी मिली है। आपको बता दें कि दो दिन पहले पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष राजभर और आशीष राजभर के रूप में हुई है। हालांकि, अभी भी कुछ अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।