वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट, ललिता घाट से आरती स्थल स्थानांतरित

पहाड़ों पर बारिश का असर: वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ा, ललिता घाट से गंगा आरती स्थल किया गया स्थानांतरित
 
एक सप्ताह में 2.2 मीटर बढ़ा जलस्तर, प्रशासन सतर्क, चेतावनी स्तर से अभी नीचे बह रही गंगा

वाराणसी। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब गंगा के मैदानी क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार को गंगा का जलस्तर 60.2 मीटर से बढ़कर 60.5 मीटर दर्ज किया गया, यानी एक दिन में लगभग 0.3 मीटर की वृद्धि हुई। जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते ललिता घाट पर होने वाली विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती का स्थल एहतियातन स्थानांतरित कर दिया गया है।

पिछले एक सप्ताह के दौरान वाराणसी में गंगा का जलस्तर करीब 2.2 मीटर (लगभग सात फीट) बढ़ चुका है, जिसे मानसूनी परिस्थितियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है और घाटों पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तराखंड और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा में पानी का प्रवाह बढ़ा है। इसी वजह से आने वाले दिनों में जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। शुक्रवार तक गंगा के जलस्तर में और बढ़ोतरी का अनुमान है।

हालांकि राहत की बात यह है कि गंगा का वर्तमान जलस्तर अभी चेतावनी स्तर और खतरे के निशान से काफी नीचे है। इसके बावजूद मानसून सक्रिय रहने के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो पिछले वर्ष 16 जुलाई को वाराणसी में गंगा का जलस्तर 68.43 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि इस वर्ष इसी अवधि में जलस्तर इससे काफी कम है। इसके बावजूद लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी गई है।