खतरे के निशान से लौटने लगी गंगा, 84 घाट अब भी एक-दूसरे से कटे  

 बाढ़ के बीच राहत की खबर! गंगा का पानी उतरने लगा, एक मीटर से ज्यादा घटा जलस्तर
 
 गंगा हुईं शांत! घटने लगा जलस्तर

वाराणसी। गंगा के बढ़ते जलस्तर से परेशान काशीवासियों के लिए राहत की खबर है। करीब 24 घंटे से गंगा का जलस्तर लगातार घटाव की ओर है। खतरे के निशान के करीब पहुंचने के बाद अब पानी चेतावनी बिंदु की ओर लौटने लगा है। जलस्तर में कमी के साथ बाढ़ का प्रभाव भी धीरे-धीरे कम हो रहा है। हालांकि, घाटों और आसपास के इलाकों में बाढ़ से पैदा हुई दुश्वारियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।

शीतला मंदिर के ऊपर तक पहुंच चुका बाढ़ का पानी अब नीचे उतरने लगा है। इससे स्थानीय लोगों और घाटों से जुड़े कारोबारियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, रात में हुई बारिश के बाद एक बार फिर जलस्तर बढ़ने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने आगे भी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला कुछ समय और जारी रह सकता है।

84 घाटों का संपर्क अब भी टूटा

गंगा का जलस्तर कम होने के बावजूद काशी के सभी 84 प्रमुख घाटों का आपसी संपर्क अभी बहाल नहीं हो सका है। बाढ़ का पानी घाटों को जोड़ने वाले रास्तों और गलियों तक पहुंचा हुआ है। ऐसे में एक घाट से दूसरे घाट तक जाने के लिए लोगों को गलियों का सहारा लेना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि गंगा का जलस्तर इसी तरह घटता रहा तो अगले एक सप्ताह में स्थिति काफी सामान्य हो सकती है। पानी कम होने के साथ ही घाटों पर आवाजाही भी धीरे-धीरे शुरू होने की उम्मीद है।

नौका संचालन पर अभी रोक

गंगा का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण नौका संचालन पर रोक लगा दी गई थी। करीब पखवारे भर से नाविकों ने अपनी नावें किनारे लगा रखी हैं। अब जलस्तर में लगातार गिरावट और नदी के वेग में कमी आने पर प्रशासन की ओर से नौका संचालन की अनुमति मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इसके लिए जलस्तर और नदी के बहाव की स्थिति सामान्य होना जरूरी होगा।

एक मीटर से अधिक पानी घटा

केंद्रीय जल आयोग के राजघाट गेज के अनुसार गंगा का जलस्तर करीब 24 घंटे से लगातार घट रहा है। शुरुआती दौर में एक से दो सेंटीमीटर की रफ्तार से पानी कम हुआ, जिसके बाद अब तक जलस्तर में एक मीटर से अधिक की कमी दर्ज की जा चुकी है। फिलहाल जलस्तर चेतावनी बिंदु के आसपास बना हुआ है।

घाटों पर जमा मलबा बनेगा बड़ी चुनौती

जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे आने के बाद नगर निगम के सामने घाटों की सफाई बड़ी चुनौती होगी। बाढ़ का पानी अपने साथ बड़ी मात्रा में गाद, कचरा और मलबा लेकर आया है। पानी पूरी तरह उतरने के बाद घाटों और संपर्क मार्गों की सफाई के साथ मलबा हटाने का काम शुरू करना होगा। घाटों को दोबारा सामान्य स्थिति में लाने में भी समय लग सकता है।