गंगा में शुरू हुई पहली इलेक्ट्रिक यात्री नौकाएं, नमो घाट से महापौर ने दिखाई हरी झंडी

 

 

 

वाराणसी। गंगा नदी में स्वच्छ, शांत और पर्यावरण-अनुकूल जल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। नमो घाट से पहली पांच इलेक्ट्रिक यात्री नौकाओं का संचालन शुरू किया गया। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने हरी झंडी दिखाकर नौकाओं को रवाना किया।

 

यह पहल वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और गेल (इंडिया) लिमिटेड के संयुक्त सहयोग से संचालित 'इलेक्ट्रिक बोट कन्वर्जन पायलट प्रोजेक्ट' के तहत शुरू की गई है। परियोजना का उद्देश्य गंगा में डीजल चालित नौकाओं के स्थान पर पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक नौकाओं का संचालन बढ़ाना तथा प्रदूषण मुक्त जल परिवहन को बढ़ावा देना है।

 

महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि इलेक्ट्रिक नौकाओं की संचालन लागत पारंपरिक ईंधन आधारित नावों की तुलना में लगभग 80 प्रतिशत तक कम होगी। इससे नाविकों की आय में वृद्धि होगी और गंगा में ध्वनि एवं वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित, शांत और आधुनिक जल परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी।

कार्यक्रम के दौरान अपनी पारंपरिक नावों को इलेक्ट्रिक प्रणाली में परिवर्तित कराने वाले नाविक दीपक साहनी, राकेश साहनी, ज्योतीलाल निषाद, दीपक कुमार साहनी और शुभम साहनी को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। नाविकों ने इस पहल को अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

वीडीए के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के प्रथम चरण में 20 यात्री नौकाओं को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक प्रणाली से लैस किया जाएगा। परियोजना की सफलता के बाद इसे व्यापक स्तर पर लागू करने की योजना है, जिससे वाराणसी देश के अन्य नदी तटीय शहरों के लिए ग्रीन वॉटर ट्रांसपोर्ट का मॉडल बन सके।

इलेक्ट्रिक नौकाओं में 15 किलोवाट की इलेक्ट्रिक आउटबोर्ड मोटर, 20 किलोवाट-घंटे क्षमता का लिथियम बैटरी पैक, जीपीएस ट्रैकिंग, डिजिटल डिस्प्ले और रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। घाटों पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया गया है। एक बार पूर्ण चार्ज होने पर यह नौका अस्सी घाट से नमो घाट के बीच कम से कम तीन चक्कर लगाने में सक्षम है।

लोकार्पण के बाद जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं नाविकों ने नमो घाट से भदैनी घाट तक इलेक्ट्रिक नाव से जल भ्रमण कर नई तकनीक का अनुभव किया। यह पहल वाराणसी में स्वच्छ ऊर्जा आधारित जल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।