वाराणसी में फेरी-पटरी व्यवसायियों का उग्र प्रदर्शन! पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ नगर निगम घेराव, 8 मई को होगी अहम बैठक!

Varanasi में फेरी-पटरी व्यवसायियों ने पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ नगर निगम का घेराव किया। 8 मई को टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में फैसले की उम्मीद।

 
 पथ विक्रेता अधिनियम 2014 के पालन की उठी मांग, नगर आयुक्त ने 8 मई को टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक बुलाने के दिए निर्देश

वाराणसी। वाराणसी शहर में लगातार हो रहे कथित पुलिस उत्पीड़न से नाराज फेरी-पटरी और ठेला व्यवसायियों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में व्यवसायी नगर निगम मुख्यालय पहुंचे और विरोध दर्ज कराते हुए नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान व्यवसायियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।

राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसायी महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक निगम के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को पत्रक सौंपते हुए बताया कि पथ विक्रेता (आजीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 के स्पष्ट प्रावधानों के बावजूद पुलिस प्रशासन मनमानी कार्रवाई कर रहा है।

अभिषेक निगम ने कहा कि अधिनियम की धारा 3(3) के अनुसार, जब तक सभी स्ट्रीट वेंडरों का विधिवत सर्वे पूरा नहीं हो जाता और उन्हें वैध प्रमाण पत्र जारी नहीं कर दिए जाते, तब तक किसी भी वेंडर को उसके स्थान से हटाया या बेदखल नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद शहर में आए दिन पुलिस द्वारा वेंडरों का सामान जब्त किया जा रहा है, उन्हें धमकाया जा रहा है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से छोटे व्यवसायियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और उनमें भय व असुरक्षा का माहौल बन गया है। कई परिवारों की आजीविका सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।


चार सूत्रीय मांग पत्र में रखी गईं प्रमुख मांगें:

व्यवसायियों ने टाउन वेंडिंग कमेटी के अध्यक्ष को सौंपे गए चार सूत्रीय मांग पत्र में निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं-

1. पूर्व निर्धारित वेंडिंग जोन की सुरक्षा: टाउन वेंडिंग कमेटी द्वारा पहले से तय किए गए 63 वेंडिंग जोनों को तत्काल प्रभाव से सुरक्षित किया जाए, ताकि व्यवसायी बिना भय के अपना काम कर सकें।

2. पुलिस उत्पीड़न पर रोक: फेरी-पटरी और ठेला व्यवसायियों के खिलाफ हो रही पुलिस की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की जाए।

3. नाइट मार्केट का पुनर्स्थापन: लहरतारा-चौकाघाट फ्लाईओवर के नीचे पूर्व में प्रस्तावित नाइट मार्केट वेंडिंग जोन को पुनः शुरू किया जाए, जिससे व्यवसायियों को वैकल्पिक रोजगार स्थल मिल सके।

4. स्ट्रीट फूड हब में प्राथमिकता: शहर में प्रस्तावित सभी स्ट्रीट फूड हब में फेरी-पटरी व्यवसायियों को 100 प्रतिशत प्राथमिकता के आधार पर स्थापित किया जाए।


नगर आयुक्त ने दिया आश्वासन, बैठक की तिथि तय

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने मौके पर ही 8 मई 2026, शुक्रवार को दोपहर 12 बजे टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक बुलाने के निर्देश दिए, जिसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल होने के लिए कहा गया है।

नगर आयुक्त ने कहा कि पथ विक्रेता अधिनियम 2014 के सभी प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी फेरी-पटरी व्यवसायी के साथ अनावश्यक उत्पीड़न न हो।


सैकड़ों की संख्या में जुटे व्यवसायी, दिखी एकजुटता

इस प्रदर्शन में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों फेरी-पटरी और ठेला व्यवसायी शामिल हुए। ज्ञापन सौंपने के दौरान महानगर अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष हरिशंकर सिंह, संरक्षक डॉ. अनिल कुमार, डॉ. गौरव प्रकाश, अनमोल निगम, मुन्ना शाह, शिला देवी, प्रेमचंद पांडे, मनोज यादव, मनोज गुप्ता, नूर मोहम्मद, प्रकाश सोनकर, राजू केसरी, मुन्ना खान, श्याम सोनकर, विकास यादव, चमेली देवी, मनोज जायसवाल, रामचंद्र प्रजापति, सुभाष भारद्वाज, विजय यादव सहित बड़ी संख्या में व्यवसायी मौजूद रहे।


आगे की रणनीति पर नजर

व्यवसायियों ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि 8 मई की बैठक में उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे। ऐसे में अब सभी की नजर टाउन वेंडिंग कमेटी की आगामी बैठक और उसके फैसलों पर टिकी हुई है।