वाराणसी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से हड़कंप, राहत-बचाव में जुटीं एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें

पैगंबरपुर में पटाखा कारोबारी के मकान में विस्फोट, इलाके में अफरातफरी, सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं
 

वाराणसी। सारनाथ थाना क्षेत्र के पचकोशी स्थित पैगंबरपुर इलाके में बृहस्पतिवार शाम कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि पटाखा कारोबारी राजू खान का तीन मंजिला मकान ढह गया। हादसे में राजू खान की पत्नी और दो बेटों समेत परिवार के करीब छह लोगों के मलबे में दबने की सूचना मिली। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।

धमाके की सूचना मिलते ही सारनाथ पुलिस, फायर ब्रिगेड और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। शाम 5:40 बजे तक राजू खान की मां के मलबे में दबे होने की जानकारी सामने आई थी। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव दल सर्च ऑपरेशन चला रहा था।

धमाके से दूसरे मकान को भी नुकसान

विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजू खान के मकान के बगल में स्थित दूसरे मकान का बाहरी हिस्सा भी क्षतिग्रस्त होकर ढह गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। मकान में पटाखों की मौजूदगी और दोबारा विस्फोट की आशंका को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य के दौरान विशेष सतर्कता बरती गई।

मौके पर पहुंची एटीएस की टीम

घटना की गंभीरता को देखते हुए आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मकान में पटाखे बनाने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे पूरी इमारत ढह गई। हालांकि, विस्फोट के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

 पटाखा कारोबार से जुड़े थे दोनों भाई

स्थानीय जानकारी के अनुसार, राजू खान करीब 25 वर्षों से पैगंबरपुर इलाके में रह रहा था। उसके मकान के पीछे उसके बड़े भाई सलीम का घर है। बताया गया कि दोनों भाई पटाखों के कारोबार से जुड़े थे। हादसे के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियां मकान में पटाखा निर्माण की गतिविधियों, सुरक्षा मानकों और विस्फोट के संभावित कारणों की जांच में जुट गईं। घटना में हुए नुकसान और प्रभावित लोगों की स्थिति का आकलन किया जा रहा था।