त्योहारों में काशी आना महंगा, हवाई टिकटों के दाम में भारी उछाल
वाराणसी। दशहरा, दीपावली और छठ पर्व के दौरान अपने घर आने की तैयारी कर रहे लोगों को इस बार हवाई सफर के लिए अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है। विमानन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू और चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है। इसका असर वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आने-जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ रहा है। त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग के बीच कई प्रमुख मार्गों पर हवाई टिकटों के दाम काफी ऊपर पहुंच गए हैं।
विमानन कंपनियों के अनुसार, ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण उड़ानों के संचालन पर खर्च बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए अतिरिक्त ईंधन शुल्क में संशोधन किया गया है। एयर इंडिया एक्सप्रेस के लिए नई दरें नौ अक्टूबर की मध्यरात्रि से और एयर इंडिया के लिए नौ अक्टूबर को सुबह 11 बजे से की गई नई बुकिंग पर लागू की गई हैं।
नई व्यवस्था के तहत घरेलू उड़ानों में एक तरफ के सफर पर 500 किलोमीटर तक 400 रुपये, 501 से 1000 किलोमीटर तक 600 रुपये, 1001 से 1500 किलोमीटर तक 850 रुपये और 1500 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए 1200 रुपये का फ्यूल सरचार्ज निर्धारित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी मार्ग के अनुसार अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है।
मुंबई से वाराणसी का किराया 23 हजार रुपये के करीब
त्योहारों के आसपास हवाई टिकटों की कीमतों में तेजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि छह नवंबर को मुंबई से वाराणसी आने वाली उड़ानों में एयर इंडिया का किराया करीब 23 हजार रुपये तक बताया गया है। वहीं, इंडिगो और अकासा एयर की उड़ानों का किराया लगभग 16 हजार से 18 हजार रुपये के बीच पहुंच गया है।
इसी तरह दिल्ली से वाराणसी आने के लिए यात्रियों को करीब 14 हजार से 19 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं, जबकि हैदराबाद से काशी आने वाली उड़ानों का किराया लगभग 15 हजार से 18 हजार रुपये बताया गया है। शारजाह से वाराणसी आने वाली उड़ानों का किराया भी 35 हजार रुपये से अधिक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, वास्तविक किराया यात्रा की तारीख, उपलब्ध सीटों और बुकिंग के समय के अनुसार बदल सकता है।
प्रवासी परिवारों का बढ़ेगा यात्रा बजट
दीपावली और छठ पर्व पर बड़ी संख्या में लोग दूसरे शहरों से अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए घर लौटते हैं। वाराणसी धार्मिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र है, जहां इन दिनों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में टिकटों की बढ़ती कीमतें यात्रियों के बजट को प्रभावित कर सकती हैं।
यात्रा कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक, त्योहार के नजदीक आने पर मांग बढ़ने से किराये में और उतार-चढ़ाव हो सकता है। ऐसे में यात्रियों के लिए यात्रा की तारीख तय करने के बाद अलग-अलग एयरलाइंस के किराये की तुलना करना और टिकटों की उपलब्धता पहले जांचना उपयोगी रहेगा।