सावन से पहले ऊर्जा मंत्री सख्त, बिजली व्यवस्था में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

 
काशी को मिलेगा 24×7 स्मार्ट बिजली नेटवर्क, ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने दिए सख्त निर्देश

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने शनिवार को वाराणसी सर्किट हाउस में ऊर्जा विभाग की परियोजनाओं और विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि बाबा विश्वनाथ की नगरी को वैश्विक स्तर का आधुनिक विद्युत नेटवर्क उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर और सर्किट हाउस परिसर में अत्याधुनिक आरएमयू (Ring Main Unit) तकनीक स्थापित की गई है। इस तकनीक के माध्यम से यदि किसी एक फीडर या उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो दूसरे स्रोत से तुरंत सप्लाई शुरू हो जाएगी, जिससे निर्बाध और सुरक्षित बिजली उपलब्ध रहेगी।

बैठक में 16 नए विद्युत उपकेंद्रों (सब-स्टेशनों) के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 14 उपकेंद्रों पर निर्माण कार्य जारी है, जिनमें से 10 की छत की ढलाई पूरी हो चुकी है, जबकि दो परियोजनाएं भूमि संबंधी समस्याओं के कारण लंबित हैं। ऊर्जा मंत्री ने सभी बाधाओं का शीघ्र समाधान कर निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।

ऊर्जा मंत्री ने बिजली लाइनों में उपयोग हो रही बांस-बल्ली व्यवस्था को एक माह के भीतर पूरी तरह हटाने का निर्देश दिया, ताकि विद्युत नेटवर्क अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जा सके। साथ ही उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सावन माह और कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर ऊर्जा मंत्री ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कांवड़ मार्गों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति, जर्जर लाइनों की मरम्मत, संवेदनशील स्थलों की निगरानी और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

ए. के. शर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि कांवड़ यात्रा के दौरान बिजली व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या दुर्घटना होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।