श्रीकाशीविद्वद्धर्मपरिषद् के अभिनंदन समारोह में सनातन धर्म और वैदिक परंपरा के संरक्षण पर जोर

Varanasi mein Shri Kashi Vidwat Dharma Parishad ke samman samaroh mein Sanatan Dharma, Vedic Parampara aur Sanskrit shiksha ke sanrakshan par charcha hui. Swami Dr Aniket Shastri aur Prof. Bihari Lal Sharma ne sambodhit kiya.
 

वाराणसी। योगसाधना भवन, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में श्रीकाशीविद्वद्धर्मपरिषद् की ओर से भव्य अभिनंदन समारोह, हरिवंश पुराण कार्यशाला के विशेष सत्र और महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुति का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में संत-महात्माओं, विद्वानों, आचार्यों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। समारोह में सनातन धर्म, वैदिक परंपरा, शास्त्रीय ज्ञान और भारतीय संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्य अभिनंदनीय व्यक्तित्व परमश्रद्धेय श्रीमहंत वेदाचार्य पीठाधीश्वर स्वामी डॉ. अनिकेत शास्त्री ने कहा कि काशी में श्रीकाशीविद्वद्धर्मपरिषद् की ओर से किया गया सम्मान उनके लिए गौरव का विषय है।

उन्होंने कहा कि परिषद् का अभिनंदन केवल किसी व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि संत परंपराओं और सनातन धर्म के संरक्षण के लिए कार्य करने वालों का सम्मान है।

स्वामी डॉ. अनिकेत शास्त्री ने कहा कि परिषद् के विद्वानों को शास्त्रीय और धर्मसम्मत पद्धति से धार्मिक आयोजनों के संचालन एवं व्यवस्थापन के लिए सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की दिशा में भी काम करना चाहिए। उन्होंने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर की संस्कृत संस्था के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम के सम्मानित अतिथि एवं संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि इस प्रकार का अभिनंदन विश्वविद्यालय के विकास और उत्कर्ष के लिए प्रेरणा एवं बल प्रदान करता है। उन्होंने परिषद् के प्रस्ताव और विश्वविद्यालय के विकास से जुड़े प्रयासों की सराहना की।

परिषद् के अध्यक्ष पं. छोटेलाल त्रिपाठी ने कहा कि श्रीकाशीविद्वद्धर्मपरिषद् सनातन धर्म, वैदिक परंपरा, शास्त्रीय ज्ञान और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने परिषद् की भावी योजनाओं और उद्देश्यों की जानकारी भी दी।

परिषद् की स्थापना के उद्देश्य बताते हुए श्री श्री 1008 श्री मौनी बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट के मुख्य न्यासी डॉ. अभिषेक कुमार उपाध्याय ने कहा कि परिषद् काशी की अन्य विद्वत एवं धर्मपरिषदों की पूरक शक्ति के रूप में कार्य करेगी।

उन्होंने ‘गुरुकुल से गांव तक, शास्त्र से समाधान तक’ की संकल्पना को परिषद् के मूल ध्येय के रूप में बताया। जम्मू-कश्मीर जैसे सीमांत क्षेत्रों में मंदिरों में अर्चक प्रशिक्षण और नित्य पूजा की पुनर्स्थापना सहित धर्म एवं संस्कृति संरक्षण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही।

कार्यक्रम के दौरान काशी के कई विद्वानों का पूजन, अभिनंदन और सम्मान भी किया गया। अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा ने आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन परिषद् के प्रवक्ता पं. विजय शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कार्यालय मंत्री पं. दुर्गेश पाठक ने किया।

इस अवसर पर प्रो. सुधाकर मिश्र, प्रो. रामप्रिय पाण्डेय, डॉ. उमंग नाथ शर्मा, प्रो. महेंद्र नाथ पाण्डेय, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग समेत बड़ी संख्या में विद्वान, आचार्य और गणमान्य लोग मौजूद रहे।