गोरखपुर छावनी-उनौला दोहरीकृत रेलखंड का निरीक्षण, रेल संरक्षा आयुक्त ने किया सफल स्पीड ट्रायल
वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर छावनी-उनौला रेलखंड के दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद गुरुवार को रेल संरक्षा आयुक्त ने इसका निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उनौला से गोरखपुर छावनी के बीच अधिकतम निर्धारित गति पर स्पीड ट्रायल भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
गोरखपुर छावनी-पनियहवा रेलखंड दोहरीकरण परियोजना के तहत गोरखपुर छावनी और उनौला स्टेशनों के बीच करीब 7.64 किलोमीटर लंबे रेलखंड का कार्य पूरा हुआ है। रेल संरक्षा आयुक्त, पूर्वोत्तर परिमंडल लखनऊ ई. श्रीनिवास ने गुरुवार को पूरे रेलखंड का सुरक्षा की दृष्टि से बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण की शुरुआत गोरखपुर छावनी स्टेशन से हुई। यहां उन्होंने यार्ड रीमॉडलिंग, वी.डी.यू. पैनल, रिले रूम और उनौला छोर पर किए गए संरक्षा संबंधी बदलावों का जायजा लिया। अधिकारियों से कार्यों की जानकारी लेने के साथ प्वाइंट संख्या 221A का निरीक्षण किया गया। नव विद्युतीकृत लाइन में इस्तेमाल फिटिंग्स की मानक स्थिति भी परखी गई। इसके अलावा स्टेशन के प्लेटफॉर्मों की ऊंचाई और ट्रैक के केंद्र से उनकी दूरी का मापन किया गया।
इसके बाद रेल संरक्षा आयुक्त ने मोटर ट्रॉली से गोरखपुर छावनी-उनौला ब्लॉक सेक्शन का निरीक्षण किया। किलोमीटर 390/13 पर स्विच एक्सटेंशन ज्वाइंट संख्या 48, किलोमीटर 387/30 पर समपार संख्या 2C और कर्व संख्या 11C का निरीक्षण किया गया। समपार पर गेटमैन के संरक्षा संबंधी ज्ञान की भी जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान किलोमीटर 386/23 पर पुल संख्या 02 की फिटिंग्स और फाउंडेशन की जांच की गई। पुल के सापेक्ष ट्रैक के केंद्र-विचलन का मापन भी हुआ। वहीं किलोमीटर 385/15 पर समपार संख्या 2AC का निरीक्षण करते हुए दोहरीकरण के अनुरूप किए गए बदलावों और ट्रैक की निर्धारित सहन-सीमा की जांच की गई।
रेल संरक्षा आयुक्त ने पूरे ब्लॉक सेक्शन में रेलपथ, बैलास्ट, ओवरहेड ट्रैक्शन लाइन, सिग्नल पोस्ट एवं पोल्स के साथ पुल-पुलियों और समपार फाटकों की स्थिति भी परखी। निरीक्षण का उद्देश्य रेलखंड पर संरक्षा मानकों और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच करना था।
अंत में उनौला से गोरखपुर छावनी तक ओएमएस स्पेशल ट्रेन से अधिकतम निर्धारित गति पर सफल गतिपरीक्षण किया गया। इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण अनुज मित्तल, मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी आशीष जैन, मंडल रेल प्रबंधक लखनऊ गौरव अग्रवाल सहित निर्माण संगठन, मुख्यालय और मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।