छितौना विवाद: पुलिस और क्षत्रिय समाज आमने-सामने, क्षेत्र में धारा 144 लागू
वाराणसी। चौबेपुर क्षेत्र के जाल्हूपुर में करणी सेना और छत्रीय संगठनों द्वारा मंगलवार को प्रस्तावित बैठक को लेकर स्थानीय प्रशासन चौकन्ना थी।जिससे संबंधित क्षेत्र में धारा 144 लागू किया गया था।चिन्हित प्वाइंटो पर सुरक्षा बलों के साथ जिले के कई थानों के पुलिस के साथ संदहा सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात रही। जिला मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार और अपर आयुक्त डीआईजी शिवहरी मीणा स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। चौबेपुर क्षेत्र को सुबह से ही पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
संदहा, शंकरपुर रिंग रोड से लेकर छितौना तक हर इंट्री प्वाइंट पर सुरक्षा बल तैनात रही, पुलिस लगातार गश्त कर रही थी। वहीं सोमवार को प्रशासनिक अफसरों के साथ हुई करणी सेना और अन्य क्षत्रिय संगठनों संग बैठक हुई थी। जिसको कुछ क्षत्रिय संगठनों ने वॉकआउट कर दिया था।जिसे देखते हुए चिरईगांव ब्लाक प्रमुख के साथ अन्य क्षत्रिय नेताओं को प्रसाशन ने आज नजरबंद कर दिया था।वही प्रसाशन द्वारा छत्रीय महासभा के कार्यकर्ताओ को मंगलवार सुबह 11:00 बजे पुलिस ने वाराणसी गाजीपुर हाईवे पर सन्दहा के पास रोक दिया था। जिससे गुस्साए कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए। हाईवे पर करीब ढाई घंटे हंगामा किया गया, नोक झोक के दौरान एसीपी की वर्दी फट गई इसके बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं को खदेड दिया लेकिन थोड़ी देर बाद कार्यकर्ता उग्र होकर फिर से हाईवे पर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए पुलिस ने हाइवे को वनवें कर दिया दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस ने कार्यकर्ताओं को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर हाईवे खाली कराया।
गौरतलब है कि छितौना गांव में ठाकुर-राजभर समाज के बीच 5 जुलाई को खेत में गाय घुसने के विवाद के बाद मारपीट हुई थी। मंत्री अनिल राजभर के हस्तक्षेप से मामले ने और तूल पकड़ लिया। इसके बाद जब 12 जुलाई को सुभासपा नेता अरविंद राजभर पीड़ित पक्ष को आर्थिक मदद देने गांव पहुंचे, तो उन पर शक्ति प्रदर्शन और जातिगत अपशब्दों का आरोप लगा। आरोप है कि अरविंद राजभर ने अपने समर्थकों के साथ गांव में करणी माता व ठाकुर समाज के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया और जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
वही एसीपी सारनाथ विजय प्रताप सिंह के अनुसार, सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। एक कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स (RAF),वज्र वाहन पीएसी और बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान पूरे रूट यानी प्वाइंट पर तैनात किए गए हैं। क्षेत्र की सड़कें जिस रूट से गुजरती हैं, राजवाड़ी कैथी टोल प्लाजा, बलुआघाट, जाल्हूपुर संदहां शंकरपुर जिन पर सीसीटीवी निगरानी और फिजिकल पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है।बता दें कि जिलाधिकारी और डीआईजी के साथ सोमवार को करणी सेना और क्षत्रिय महासभा की मैराथन बैठक हुई थी। इस बैठक में पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और 48 घंटे में कार्रवाई का भरोसा दिलाया था।