गंगा किनारे प्रस्तावित रिंग रोड को लेकर बड़ा फैसला! वाराणसी के दर्जनों गांवों में जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक

वाराणसी में गंगा एक्सप्रेसवे और करखियांव एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को लेकर कई गांवों की जमीनों की खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी के आदेश से प्रभावित क्षेत्रों में भूमि हस्तांतरण पर प्रतिबंध लागू।
 
वाराणसी में जमीन की खरीद-फरोख्त पर बड़ा फैसला, गंगा और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए रजिस्ट्री-म्यूटेशन पर रोक

 

 वाराणसी। शहर के बहुप्रतीक्षित गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रस्ताव पर प्रभावित क्षेत्रों की जमीनों की रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

वाराणसी में गंगा नदी के किनारे प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी वाराणसी द्वारा जारी आदेश के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए चिन्हित क्षेत्रों में जमीनों की खरीद-फरोख्त, बैनामा और रजिस्ट्री पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।

जिलाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश में बताया गया है कि गंगा नदी के किनारे प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से रिंग रोड तक विकसित किए जाने वाले गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर तथा करखियांव एलिवेटेड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसी को देखते हुए प्रभावित गांवों में भूमि के स्वरूप परिवर्तन, विक्रय, बंटवारा, दान-पत्र और अन्य प्रकार के हस्तांतरण पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम-1956 के तहत भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई जारी है। गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए धारा 3(A) की अधिसूचना प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इससे पहले संबंधित गजट अधिसूचनाएं 27 फरवरी 2026 और 8 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की जा चुकी हैं।

जिला प्रशासन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की कानूनी, तकनीकी अथवा प्रशासनिक जटिलता से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है। आदेश के तहत अधिग्रहण से प्रभावित गाटा संख्याओं में किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री, बैनामा या दाखिल-खारिज नहीं किया जा सकेगा।

गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर से प्रभावित होंगे ये गांव

एनएच-19 से वाराणसी रिंग रोड तक प्रस्तावित गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर के दायरे में सदर तहसील के रमना, डोमरी, सीरगोवर्धनपुर, छित्तूपुर, भगवानपुर, सूजाबाद, नगवां, नरिया, किला कोहना, कोदोपुर, रामनगर और वाजिदपुर सहित कई गांव शामिल हैं।

वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के दायरे में 40 से अधिक गांव

एनएच-31 से वाराणसी रिंग रोड तक प्रस्तावित वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए सदर और पिंडरा तहसील के 40 से अधिक गांव प्रभावित होंगे। इनमें हुकुलगंज, शहरखास, पहाड़पुर, भरथरा, पिसौर, दानियालपुर, छितौनी, कोटवा, सिकरौल, खजुरी, धौसाबाद, जैतपुरा, अलईपुर, कज्जाकपुरा सहित पिंडरा क्षेत्र के महादवपुर, सरायकाजी, कोइराजपुर, शहाबुद्दीनपुर, चमांव, अनेतपुर, भगतपुर और प्रतापपट्टी जैसे गांव शामिल हैं।

अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश की प्रतिलिपि अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), उपजिलाधिकारी सदर एवं पिंडरा तथा निबंधन विभाग के अधिकारियों को भेज दी गई है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रभावित भूमि पर किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री या म्यूटेशन की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोक दी जाए।

इस फैसले के बाद प्रभावित क्षेत्रों के भूमि स्वामियों, किसानों और निवेशकों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद वाराणसी की यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी और शहर के विकास को नई गति मिलेगी।