बीएचयू छात्रों को नगर निगम में मिलेगी इंटर्नशिप, शहर विकास परियोजनाओं पर होगा संयुक्त कार्य
वाराणसी। काशी को और अधिक स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) और वाराणसी नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को दोनों संस्थानों के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के तहत अब बीएचयू और नगर निगम मिलकर शहर के विकास, स्वच्छता, हरित वातावरण और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।
बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी की मौजूदगी में कुलसचिव डॉ. अरुण कुमार सिंह और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के अधिकारी और शिक्षक भी मौजूद रहे।
शहरी विकास और सौंदर्यीकरण पर रहेगा फोकस
समझौते के तहत शहरी योजना, अवसंरचना विकास, सतत पर्यावरण, कचरा प्रबंधन, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और नागरिक सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। विश्वविद्यालय परिसर और शहर के प्रमुख मार्गों के आसपास सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नगर निगम को स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए बीएचयू की तकनीकी विशेषज्ञता और शोध आधारित सुझावों का लाभ मिलेगा। इससे शहर की विकास योजनाओं को और अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा।
छात्रों को मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
एमओयू के तहत बीएचयू के विद्यार्थियों को नगर निगम में इंटर्नशिप और प्रशिक्षण का अवसर भी मिलेगा। हर वर्ष करीब 50 विद्यार्थियों को शहरी नियोजन, अभियंत्रण, पर्यावरण, वित्त, स्वच्छता और प्रशासनिक कार्यों से जुड़े क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस पहल से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा और वे शहर विकास से जुड़े कार्यों को करीब से समझ सकेंगे।
कुलपति और नगर आयुक्त ने जताई उम्मीद
बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि नगर निगम और विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयासों से वाराणसी में सतत विकास को नई दिशा मिलेगी। वहीं नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि यह समझौता शहर की नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।