घर खरीदने से पहले सतर्क रहें, यूपी रेरा पोर्टल पर जरूर करें सत्यापन: संजय भूसरेड्डी
घर खरीदने से पहले इन बातों की करें जांच, यूपी रेरा ने जारी की महत्वपूर्ण सलाह
वाराणसी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने तथा उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से वाराणसी मंडल के हितधारकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवादात्मक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में गृह क्रेताओं, आवंटियों, प्रमोटरों एवं पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंटों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने की। वाराणसी मंडलायुक्त एस. राजालिंगम एवं वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्णा बोरा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
संजय भूसरेड्डी ने कहा कि जागरूक उपभोक्ता ही सुरक्षित और सही निवेश कर सकता है। उन्होंने घर खरीदने के इच्छुक लोगों से किसी भी परियोजना में निवेश करने से पहले यूपी रेरा पोर्टल पर परियोजना से संबंधित सभी तथ्यों का सत्यापन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यूपी रेरा का उद्देश्य केवल विवादों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना भी है।
कार्यक्रम के दौरान अबरार अहमद ने रेरा अधिनियम-2016 के प्रमुख प्रावधानों, सुरक्षित निवेश के उपायों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा गृह खरीदारों के वैधानिक अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निवेश से पहले परियोजना का रेरा पंजीकरण, भूमि स्वामित्व, स्वीकृत लेआउट, निर्माण की प्रगति, परियोजना के बैंक खाते, प्रमोटर के रिकॉर्ड तथा रियल एस्टेट एजेंट के पंजीकरण की जांच अवश्य करनी चाहिए।
उन्होंने प्रतिभागियों को सलाह दी कि संपत्ति बुक करने के बाद परियोजना की प्रगति पर नियमित नजर रखें तथा आवंटन पत्र, विक्रय अनुबंध, भुगतान रसीद सहित सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखें।
कार्यक्रम में गृह खरीदारों को रेरा अधिनियम के तहत समय पर कब्जा, रजिस्ट्री, परियोजना में विलंब होने पर ब्याज, धनवापसी एवं क्षतिपूर्ति से संबंधित अधिकारों की भी जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि यदि कोई प्रमोटर अनुबंध का उल्लंघन करता है, समय पर कब्जा नहीं देता, बिना अनुमति नक्शे में परिवर्तन करता है अथवा रेरा में पंजीकृत नहीं है, तो प्रभावित खरीदार यूपी रेरा में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। वक्ताओं ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा उपभोक्ता हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।