आईएमएस-बीएचयू में एंटी-रैगिंग सप्ताह का समापन, रैगिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का संदेश

 

वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस-बीएचयू) में एंटी-रैगिंग सप्ताह 2026 का समापन समारोह और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में परिसर को सुरक्षित, सम्मानजनक और पूरी तरह रैगिंग मुक्त बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

इस दौरान विद्यार्थियों को रैगिंग के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए अनुशासन, आपसी सम्मान और सहयोग की भावना बनाए रखने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत बीएचयू के एंटी-रैगिंग स्क्वाड के अध्यक्ष प्रो. ललित मोहन अग्रवाल के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विश्वविद्यालय में रैगिंग के लिए कोई स्थान नहीं है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन और भाईचारे की भावना के साथ रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्धारित नियमों के अनुसार रैगिंग में संलिप्त पाए जाने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी और नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य अतिथि आईएमएस-बीएचयू के निदेशक प्रो. एस. एन. सांखवार ने कहा कि रैगिंग को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि संस्थान में रैगिंग की घटनाएं बहुत कम हैं, लेकिन किसी भी शिकायत को हल्के में नहीं लिया जाएगा।

रैगिंग में शामिल पाए जाने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से एक-दूसरे का सम्मान करने और जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे की मदद करने की अपील की।

विशिष्ट अतिथि बीएचयू के छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह ने कहा कि रैगिंग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से परिसर में सुरक्षित और सहयोगपूर्ण वातावरण बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

प्रो. संजय गुप्ता, अधिष्ठाता, मॉडर्न मेडिसिन, आईएमएस-बीएचयू ने भी रैगिंग के खिलाफ जागरूकता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना केवल संस्थान की नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी और शिक्षक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

आईएमएस के एंटी-रैगिंग स्क्वाड के अध्यक्ष प्रो. सुनील कुमार राव ने 12 से 18 अगस्त 2026 तक आयोजित एंटी-रैगिंग सप्ताह की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने वीडियो और पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से पूरे सप्ताह आयोजित कार्यक्रमों की झलक प्रस्तुत की। सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों ने स्लोगन लेखन, भाषण, पोस्टर निर्माण, लोगो डिजाइन और नुक्कड़ नाटक जैसी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

भाषण प्रतियोगिता में आईएमएस के अपूर्व कुमार पंडिया ने प्रथम स्थान हासिल किया। कृषि संकाय के आदर्श कुमार दूसरे और एमएमवी की आराध्या सिंह तीसरे स्थान पर रहीं। विजेताओं को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

एंटी-रैगिंग सप्ताह का प्रमुख आकर्षण नाटक प्रतियोगिता रही। इसमें पांच टीमों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से रैगिंग के खिलाफ संदेश देने के साथ दोस्ती, सम्मान, आपसी सहयोग और एक-दूसरे को साथ लेकर चलने की भावना को सामने रखा। प्रतियोगिता में टीम एमबीबीएस ने प्रथम और टीम टालस्या ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

एंटी-रैगिंग सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों की सफलता में डॉ. किरण गिरी, डॉ. नवीन कुमार और डॉ. ज्योति श्रीवास्तव के साथ आईएमएस-बीएचयू के शिक्षकों और विद्यार्थियों का सक्रिय योगदान रहा। सभी ने मिलकर विद्यार्थियों के बीच रैगिंग के खिलाफ जागरूकता फैलाने और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देने का प्रयास किया।

कार्यक्रम के अंत में संस्थान की ओर से रैगिंग के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति दोहराई गई। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सुरक्षित, सम्मानजनक और रैगिंग मुक्त परिसर बनाए रखने का संकल्प लिया।

समारोह ने यह संदेश दिया कि शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के बीच सम्मान, सहयोग और सकारात्मक संबंधों को बढ़ावा देना भी संस्थान की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।