एंटी करप्शन टीम का एक्शन, एक लाख रुपये लेते लेखपाल का मुंशी रंगेहाथ गिरफ्तार

 

वाराणसी। पुश्तैनी जमीन के विक्रय के बाद दाखिल-खारिज की रिपोर्ट लगाने के नाम पर एक लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) की वाराणसी इकाई ने लेखपाल के निजी मुंशी को गिरफ्तार किया है। टीम ने मंगलवार को यूपी कॉलेज के पास कार्रवाई करते हुए आरोपी को कथित तौर पर रिश्वत की रकम के साथ रंगेहाथ पकड़ा। उसके पास से एक लाख रुपये और मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

मामले में नामजद हल्का लेखपाल कुंदन सिंह मौके से फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश में एंटी करप्शन टीम ने तहसील सदर समेत अन्य संभावित स्थानों पर दबिश दी, लेकिन उसका पता नहीं चला।

शिकायतकर्ता कमलकांत विक्रम निवासी जैपार (उंदी), सरसवा ने 21 सितंबर को एंटी करप्शन के वाराणसी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, उनके पिता ओमप्रकाश सिंह ने पुश्तैनी जमीन के विक्रय के बाद दाखिल-खारिज के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपाल कुंदन सिंह ने रिपोर्ट लगाने के एवज में एक लाख रुपये की मांग की थी।

शिकायत के सत्यापन के बाद 22 सितंबर को शिकायतकर्ता की लेखपाल से फोन पर बातचीत हुई। आरोप है कि लेखपाल ने बताया कि उसने अपने निजी मुंशी अशोक को शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर दे दिया है। इसके बाद अशोक ने फोन कर शिकायतकर्ता को यूपी कॉलेज गेट के अंदर इंडियन बैंक के पास बुलाया।

बताया गया कि शिकायतकर्ता द्वारा एक लाख रुपये दिए जाने के दौरान पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने दोपहर करीब 1:41 बजे अशोक को पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से कथित रिश्वत की रकम बरामद हुई।

पूछताछ के दौरान अशोक ने टीम को बताया कि लेखपाल ने उसे पूरे प्रकरण की जानकारी देकर रकम लेने के लिए भेजा था। टीम के मुताबिक, उसके मोबाइल फोन में लेखपाल कुंदन सिंह के साथ रिश्वत के लेनदेन से संबंधित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी मिली है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान अशोक कुमार पुत्र मोहन लाल, निवासी डीएलडब्ल्यू रोड, शिवदासपुर, थाना मंडुवाडीह के रूप में हुई है। वहीं कुंदन सिंह वर्तमान में सीरगोवर्धनपुर क्षेत्र में हल्का लेखपाल के पद पर तैनात बताया गया है। दोनों के खिलाफ कैंट थाने में विधिक कार्रवाई की जा रही है।