वाराणसी में दिखेगा जगन्नाथ पुरी जैसा वैभव, 30 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य कॉरिडोर
वाराणसी। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में अब भगवान जगन्नाथ मंदिर को भी काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर भव्य रूप दिया जाएगा। अस्सी क्षेत्र स्थित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर का विस्तारीकरण लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इस परियोजना के बाद मंदिर परिसर का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और इसे एक प्रमुख तीर्थ एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रस्तावित कॉरिडोर में आधुनिक सुविधाओं के साथ पारंपरिक वास्तुकला का भी समावेश होगा। मंदिर परिसर में 6,000 श्रद्धालुओं की क्षमता वाला रिसेप्शन सेंटर, बहु-स्तरीय पार्किंग, तीर्थयात्री सुविधा केंद्र, पुस्तकालय तथा सुरक्षा एवं जन-सुविधा क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही 10 मीटर चौड़ा ‘अंतर प्रदक्षिणा पथ’ और ध्यान के लिए ‘बाह्य प्रदक्षिणा मार्ग’ भी बनाया जाएगा।
परियोजना के अंतर्गत लगभग 1 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में विकास कार्य किया जाएगा, जिसमें राजस्थान के पारंपरिक पत्थरों का उपयोग होगा। परिसर में सुंदर उद्यान, कुंड, गुरुकुल और धर्मशाला का भी निर्माण प्रस्तावित है।
मंदिर के वर्तमान 36 फीट ऊँचे शिखर को बढ़ाकर 151 फीट किए जाने की योजना है, जिससे गंगा घाट से ही मंदिर का शिखर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। इससे श्रद्धालुओं को दूर से ही दर्शन का लाभ मिलेगा।
इतिहास के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना वर्ष 1790 में अस्सी क्षेत्र में एक ब्राह्मण परिवार द्वारा की गई थी। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ ने स्वप्न में दर्शन देकर काशी में अपना स्थान स्थापित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद पुरी से लाई गई लकड़ी से निर्मित प्रतिमा के साथ मंदिर की स्थापना की गई। तभी से यह मंदिर काशी में विशेष धार्मिक महत्व रखता है।
यहां हर वर्ष पुरी की तर्ज पर रथयात्रा का आयोजन भी किया जाता है, जो स्थानीय स्तर पर प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है।
जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के सचिव शैलेश त्रिपाठी के अनुसार, इस कॉरिडोर के निर्माण से काशी में पर्यटन को नई गति मिलेगी तथा शैव और वैष्णव परंपराओं का अद्भुत संगम भी देखने को मिलेगा।