गंगा के ऊपर वायुसेना का शौर्य, अंतिम दिन 20 लाख लोगों ने देखा एयर शो
वाराणसी। काशी में आयोजित भारतीय वायुसेना के एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ ने दर्शकों की भारी भीड़ के साथ नया रिकॉर्ड बनाया। जिला प्रशासन और पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, तीन दिनों में करीब 37 लाख लोग वायुसेना के हवाई प्रदर्शन को देखने पहुंचे। रविवार को आयोजन के अंतिम दिन लगभग 20 लाख दर्शकों की मौजूदगी दर्ज की गई। गंगा पार 12 लाख और काशी के घाटों से करीब आठ लाख लोगों ने आसमान में विमानों के रोमांचक करतब देखे।
रविवार को नमो घाट पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों की उड़ान, हेलीकॉप्टरों के करतब और एरोबेटिक टीमों के प्रदर्शन ने दर्शकों को रोमांचित किया।
100 विमानों ने दिखाया दमखम
तीन दिवसीय एयर शो में 12 एयरबेस से उड़ान भरने वाले करीब 100 विमानों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 25 अलग-अलग फॉर्मेशन के जरिए वायुसेना की क्षमता और हवाई कौशल का प्रदर्शन किया गया। सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, मिग-29, जगुआर, मिराज-2000 और स्वदेशी तेजस जैसे लड़ाकू विमानों की उड़ान आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने भी आसमान में शानदार करतब दिखाए।
इस आयोजन की खास बात काशी की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े फॉर्मेशन भी रहे। महादेव, नटराज, कैलाश, विश्वनाथ, त्रिदेव और सारनाथ जैसे नामों के माध्यम से हवाई प्रदर्शन को शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा गया।
महिला पायलटों ने भी दिखाया कौशल
एयर शो में महिला अधिकारियों की भागीदारी भी आकर्षण का केंद्र रही। महिला पायलटों और क्रू सदस्यों ने विभिन्न विमानों के साथ उड़ान भरकर अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया। फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिमरन ने सुखोई विमान के साथ रुद्र फॉर्मेशन में हिस्सा लिया। वहीं, अन्य महिला अधिकारियों ने हेलीकॉप्टर, परिवहन विमान और एरोबेटिक टीमों के प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
काशी के दो पायलटों ने बढ़ाया गौरव
एयर शो में वाराणसी के स्क्वॉड्रन लीडर नमन अभिषेक और अमन गोयल की भागीदारी भी चर्चा में रही। चिनूक हेलीकॉप्टर के पायलट नमन अभिषेक ने अलकनंदा फॉर्मेशन में हिस्सा लिया। वहीं, अमन गोयल सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के पायलट के रूप में शामिल हुए। स्थानीय पायलटों की भागीदारी ने आयोजन को काशीवासियों के लिए और खास बना दिया।
भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था रही चुनौती
तीन दिनों तक लाखों लोगों की आवाजाही के बीच भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रही। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के अनुसार, अतिरिक्त पार्किंग, अस्थायी थानों और दर्शकों के बैठने के लिए समतल स्थान तैयार कराने से व्यवस्था संभालने में मदद मिली। उनके मुताबिक, एयर शो समाप्त होने के लगभग डेढ़ घंटे के भीतर यातायात सामान्य कर दिया गया।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि दर्शकों की सुविधा के लिए घाटों पर स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी। एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड के 1,600 से अधिक स्वयंसेवकों ने लोगों को व्यवस्थित ढंग से बैठाने और कार्यक्रम के बाद सुरक्षित बाहर निकालने में सहयोग किया। जिले के करीब 12 हजार बच्चों को भी एयर शो दिखाया गया।
तीन दिनों तक चले इस आयोजन ने काशी को वायुसेना के शौर्य, आधुनिक विमानन क्षमता और देशभक्ति के भव्य प्रदर्शन का साक्षी बनाया। गंगा के दोनों किनारों पर उमड़ी भीड़ ने इसे शहर के प्रमुख आयोजनों में शामिल कर दिया।