UP Yogi Cabinet Expansion 2026: योगी कैबिनेट का बड़ा विस्तार, 6 नए मंत्रियों की एंट्री से बदले सियासी समीकरण

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट विस्तार में 6 नए मंत्रियों ने शपथ ली, जबकि दो मंत्रियों को प्रमोशन मिला। बीजेपी ने जाट, दलित, ओबीसी और ब्राह्मण वोट बैंक को साधने के लिए बड़ा राजनीतिक दांव खेला।

 
उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी संदेश देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया। रविवार को राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छह नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई, जबकि दो राज्यमंत्रियों को प्रमोट कर स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस विस्तार को बीजेपी का बड़ा सामाजिक और जातीय संतुलन साधने वाला कदम माना जा रहा है।

योगी कैबिनेट में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और सपा से बीजेपी में आए मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वहीं कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, कैलाश राजपूत और हंसराज विश्वकर्मा को राज्य मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र तोमर को प्रमोशन देकर स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बीजेपी ने इस विस्तार के जरिए जाट, दलित, ओबीसी, पासी, लोधी, गुर्जर और ब्राह्मण समाज को साधने की रणनीति अपनाई है। पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक अलग-अलग जातीय समूहों को प्रतिनिधित्व देकर पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए मजबूत संदेश देने का प्रयास किया है।

वाराणसी से जुड़े हंसराज विश्वकर्मा को मंत्री बनाए जाने को भी खास माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी से अब चार मंत्री हो चुके हैं। वहीं रायबरेली से आने वाले मनोज पांडे को मंत्री बनाकर बीजेपी ने सपा और कांग्रेस दोनों को राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।

कैबिनेट विस्तार के बाद बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। पार्टी इसे विकास और सामाजिक संतुलन की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे चुनावी तैयारी और वोट बैंक की राजनीति करार दे रहा है।